By रेनू तिवारी | May 08, 2026
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों की कमर तोड़ दी। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली के कारण शुरुआती कारोबार में ही बाजार लाल निशान में डूब गया। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 353.50 अंक टूटकर 77,491.02 अंक पर और एनएसई निफ्टी 109.25 अंक फिसलकर 24,225.20 अंक पर आ गया। इसके बाद इनमें और गिरावट आई।
सेंसेक्स 536.66 अंक टूटकर 77,331.75 अंक पर और निफ्टी 166.95 अंक की गिरावट के साथ 24,170.80 अंक पर कारोबार करने लगा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इटर्नल, बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील के शेयर नुकसान में रहे। एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स और एचसीएल टेक के शेयर में तेजी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजार भी बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.19 प्रतिशत बढ़त के साथ 101.3 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 340.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 0.15 प्रतिशत और निफ्टी 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।