By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 18, 2026
वर्ष 1812 में 18 सितंबर के दिन ही मॉस्को में आग लगने से शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया था और लगभग 12 हजार लोगों की मौत हुई थी। 18 सितंबर 1940 को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश यात्री जहाज सिटी ऑफ बनारस को जर्मन पनडुब्बी यू-48 ने अटलांटिक महासागर में टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया जिससे इसमें सवार 406 लोगों में से 77 बच्चों सहित 260 लोग मारे गए। यह जहाज ब्रिटिश सरकार की चिल्ड्रेन्स ओवरसीज रिसेप्शन बोर्ड (सीओआरबी) योजना का हिस्सा था जिसके तहत युद्धग्रस्त और बमबारी झेल रहे ब्रिटेन से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजा जा रहा था। कई बच्चे और वयस्क हमले के बाद लाइफबोट पलटने और अत्यधिक ठंड (हाइपोथर्मिया) के कारण मारे गए। इस भयानक त्रासदी का ब्रिटेन और दुनिया भर पर इतना गहरा असर पड़ा कि ब्रिटिश सरकार ने बच्चों को समुद्र के रास्ते विदेश भेजने की इस योजना को तुरंत और हमेशा के लिए बंद कर दिया। 18 सितंबर 2009 को प्रसिद्ध अमेरिकी टेलीविज़न सोप ओपेरा द गाइडिंग लाइट का अंतिम एपिसोड प्रसारित किया गया। यह अंतिम एपिसोड प्रसारित होना वास्तव में टेलीविजन इतिहास की एक युगांतकारी घटना थी। इस शो ने रेडियो और टेलीविजन दोनों माध्यमों को मिलाकर 72 वर्षों तक दर्शकों का मनोरंजन किया, जिसके कारण इसे दुनिया के सबसे लंबे समय तक चलने वाले सोप ओपेरा के रूप में जाना जाता है। इसकी शुरुआत 25 जनवरी 1937 को एनबीसी रेडियो पर 15 मिनट के शो के रूप में हुई थी। इसे इरना फिलिप्स ने बनाया था। टेलीविज़न पर इसकी शुरुआत 30 जून 1952 को हुई जब यह सीबीएस नेटवर्क पर प्रसारित होना शुरू हुआ। अपने पूरे सफर के दौरान इस शो के 18,262 से अधिक एपिसोड प्रसारित किए गए। 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित भारतीय थलसेना के स्थानीय मुख्यालय पर आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें कई जवान शहीद हो गए थे। अफगानिस्तान पर कब्जा कर सरकार में आने के महज एक महीने बाद 18 सितंबर 2021 को ही तालिबान ने महिलाओं के अधिकारों पर पाबंदी लगाने वाला एक नया कदम उठाया और कभी महिला मामलों का मंत्रालय रहे एक भवन से विश्व बैंक के कार्यक्रम के कर्मचारियों को जबरन बाहर कर ‘सदाचार प्रचार एवं अवगुण रोकथाम’ मंत्रालय स्थापित किया। तालिबान ने 1990 के दशक में अपने शासनकाल के दौरान बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा के अधिकार से वंचित कर दिया था और उनके सार्वजनिक जीवन पर पाबंदी लगा दी थी।