By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 20, 2026
मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का जिक्र आते ही उनकी उर्दू शायरी और हिंदुस्तान से उनकी मोहब्बत की भी बात होती है। कहने को तो वह 1837 में बादशाह बने, लेकिन तब तक देश के काफी बड़े इलाके पर अंग्रेजों का कब्जा हो चुका था। सल्तनत के नाम पर उनके पास कुछ ही इलाके बचे थे। सन 1857 में क्रांति की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उन्होंने भी अंग्रेजों को खदेड़ने का आह्वान किया, लेकिन 82 बरस के बूढ़े बहादुर शाह जफर की अगुवाई में लड़ी गई यह लड़ाई कुछ ही दिन चली और 21 सितंबर को अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर मुक़दमा चलाया गया और उन्हें रंगून (आज का म्यांमा) निर्वासित कर दिया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। देश और दुनिया के इतिहास में 21 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-