By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 21, 2021
मुरादाबाद (उप्र)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में विशेष एससी/एसटी (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति) अदालत ने दलित समुदाय की दो बहनों को 2010 में जिंदा जलाने के मामले में सात लोगों को सोमवार को उम्र कैद की सज़ा सुनाई। कोठीवाल नगर में 18 दिसंबर 2010 को प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने दोनों बहनों को जिंदा जला दिया था। भीड़ एक दोहरे हत्याकांड के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी, जिसमें इन दोनों लड़कियों के भाई आरोपी थे। विशेष एससी/एसटी न्यायाधीश संध्या चौधरी ने 26-पन्नों के आदेश में सात आरोपियों को अतिरिक्त जिला सरकारी वकील (एडीजीसी) आनंद पाल सिंह द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर दोषी पाया।