By अभिनय आकाश | Sep 09, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर अपील पर पहले सुनवाई करने का फ़ैसला किया, जिसमें पत्नी के साथ "सेक्स स्लेव" (यौन गुलाम) जैसा बर्ताव करने के आरोपी पति पर मुक़दमा चलाने की इजाज़त दी गई थी। शीर्ष अदालत ने वैवाहिक बलात्कार (marital rape) से जुड़े अपवाद को चुनौती देने वाले कई मामलों पर सुनवाई शुरू की है। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट के उस बयान के दो दिन बाद हुआ है जिसमें कोर्ट ने कहा था कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने के व्यापक मुद्दे पर सुनवाई कब की जाए, इस पर फ़ैसला लेने से पहले वह केंद्र सरकार का पक्ष जानना चाहेगा।
कोर्ट वैवाहिक बलात्कार (marital rape) से जुड़ी छूट की संवैधानिक वैधता की भी जांच करेगा। कोर्ट ने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों की अंतिम सुनवाई तीन हफ़्ते बाद बुधवार और गुरुवार को होगी।
पहली सुनवाई में कर्नाटक का मामला मुख्य केंद्र रहा। पत्नी की ओर से पेश हुईं जयसिंह ने अदालत को बताया कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि मामले के तथ्यों को देखते हुए, वैवाहिक बलात्कार (marital rape) से जुड़ी छूट के बावजूद बलात्कार कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।