By रितिका कमठान | Mar 04, 2025
उत्तर प्रदेश से यूएई गई 33 वर्षीय महिला शहजादी खान को फांसी हो चुकी है। उसे 15 फरवरी को यूएई में एक बच्चे की हत्या के आरोप में फांसी पर लटकाया गया था। शहजादी के परिवार ने बच्चे की हत्या में उसकी की संलिप्तता से इनकार किया है और कहा है कि उसे जाल में फंसाया गया है। परिवार के तमाम प्रयासों के बावजूद शहजादी को मृत्युदंड से नहीं बचाया जा सका। अब वो अपने परिवार के दिल में एक याद बनकर रह गई है।
जानें शहजादी की अंतिम इच्छा के बारे में
शहजारी के परिवार ने अबू धाबी सरकार से उसकी सजा को माफ करवाने और उसे बचाने की हर मुमकिन कोशिश की थी। शहजादी के भाई का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें सोमवार को उसकी फांसी के बारे में सूचना दी गई। शहजादी का अंतिम संस्कार अब पांच मार्च को होगा। जानकारी के मुताबिक शहजादी के चेहरे पर बचपन से ही जले का निशान था। इस निशान के कारण उसमें आत्म विश्वास की काफी कमी थी। इसे देखते हुए वो हमेशा इस परेशानी से दूर होना चाहती थी।
शहजादी के भाई का कहना है कि उजैर नामक युवक ने सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क किया था। शहजादी से ये वादा किया गया था कि यूएई में प्लास्टिक सर्जरी के जरिए महिला के चेहरे पर जलन के निशान को खत्म किया जा सकता है। युवक की बातों में शहजादी और उसके परिवार के लोग आ गए।
बता दें कि वर्ष 2021 में शहजादी लीगल वीजा पर अबू धाबी पहुंची थी। यहां उजैर ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी कराने का वादा किया था मगर उसे अपने रिश्तेदार घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने लगवाया। वो घर पर घरेलू सहायिका का काम करती थी। घरेलू सहायिका के तौर पर वो जहां काम करती थी उस परिवार में ही चार महीने के बच्चे की मौत हुई थी, जिसका आरोप शहजादी पर लगा था। इसके बाद महिला को पुलिस के हवाले किया था।