By अभिनय आकाश | Jul 31, 2023
उइगर आबादी को यातना देने के बाद चीन अब विदेशों में रहने वाले उइगरों पर मानवाधिकार प्रचारकों की जासूसी करने के लिए दबाव डाल रहा है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग विदेश में रहने वाले उइगरों से अपना निगरानी कार्य करवाने के लिए उनके घर वापस आने वाले परिवारों को धमकी देकर डराने वाली रणनीति का उपयोग कर रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शोध से पता चलता है कि विशेष प्रकार का वीडियो कॉल के माध्यम से अपने देश में परिवार के सदस्यों तक पहुंच को नियंत्रित करना, विदेशों में अनुपालन के बदले में आमतौर पर चीनी पुलिस द्वारा उपयोग किया जा रहा है।
उसके परिवार को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की लगातार, निहित धमकियों की वजह से अलीम को सीसीपी की आज्ञा मानने के लिए मजबूर होना पड़ा। अलीम कहते हैं कि वे मेरे परिवार को बंधकों की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं एक अंधकारमय क्षण में जी रहा हूं। शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय में डॉ डेविड टोबिन, जिन्होंने इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर काम किया है, ने कहा कि चीन के बाहर रहने वाले सभी उइगर अंतरराष्ट्रीय दमन के शिकार हैं।