केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश का हिस्सा बढ़ने की बजाय कम हो गया

By अजय कुमार | Jun 01, 2019

उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत के बल पर केन्द्र में एक बार फिर मोदी सरकार ने शपथ ले ली है। 80 में से 64 सीटें बीजेपी गठबंधन को मिलना किसी करिश्मे से कम नहीं था, इसलिए राजनैतिक पंडितों को लग रहा था कि इस बार मोदी मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश के मंत्रियों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है, लेकिन मोदी और शाह क्या और किस दिशा में सोचते हैं, कोई नहीं जानता। इसीलिए तो यूपी का प्रतिनिधित्व बढ़ना तो दूर राज्य के मंत्रियों की संख्या कम ही हो गई। मोदी मंत्रिमंडल में यूपी से एक भी नया चेहरा शामिल नहीं किया गया है तो दूसरी तरफ मोदी की पिछली सरकार के कई मंत्रियों को भी इस बार मंत्री बनने का मौका नहीं मिला है।

हो सकता है इसमें से कुछ को उम्र दराज होने की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया हो। पिछली मोदी सरकार में मंत्री और झांसी की सांसद रहीं उमा भारती और देवरिया से सांसद कलराज मिश्र और कृष्णा राज ने इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था, इसलिए उनके मंत्री बनने की कोई संभावना नहीं थी। वहीं सुलतानपुर से चुनाव जीतने वाली मेनका गांधी को संभवतः उम्र दराज होने की वजह से मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया होगा, जहां तक बीजेपी गठबंधन के सहयोगी अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल को मंत्री नहीं बनाए जाने की बात है तो यह बात नहीं भूलना चाहिए कि लोकसभा चुनाव के दौरान अपना दल (एस) ने दो से अधिक सीट मांग कर काफी खटास पैदा कर दी थी, हो सकता है इसका खामियाजा अनुप्रिया को भुगतना पड़ा हो। उस समय अनुप्रिया के पति के कई विवादित बयान अखबारों की सुर्खियां बने थे। फिर भी उम्मीद यही है कि अगले मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद की बाट जोह रहे यूपी के कुछ नेताओं को भी मोदी सरकार में शामिल कर लिया जाए।

इसे भी पढ़ें: जानिये किसको मिला कौन-सा मंत्रालय ? क्या हैं Modi के नये मंत्रियों की खूबियाँ ?

     

खैर, मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में यूपी पर गाज भले गिरी हो लेकिन इसके बाद भी केन्द्र सरकार में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व बाकी सभी राज्यों से सबसे अधिक है। पिछली मोदी सरकार में प्रधानमंत्री मोदी समेत उप्र से 15 नेता मंत्रिमंडल में शामिल थे, जबकि इस बार संख्या घट कर दस रह गई है। अबकी मोदी और राजनाथ समेत उत्तर प्रदेश से कुल दस लोग केंद्र सरकार में यूपी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके अलावा रामपुर के रहने वाले मुख्तार अब्बास नकवी जो झारखंड से और पंजाब के रहने वाले हरदीप पुरी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं, उनको भी मंत्री पद मिला है।

पिछली सरकार के जिन मंत्रियों पर मोदी ने इस बार भी विश्वास जताया है, उसमें अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर लोकसभा में पहुंची स्मृति ईरानी, बरेली के सांसद संतोष गंगवार, गाजियाबाद के सांसद वीके सिंह और फतेहपुर की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति शामिल हैं। चंदौली के सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, संजीव बालियान भी दोबारा मंत्री बने हैं। बताते चलें कि पिछली मोदी सरकार में मंत्री रहे डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय और बालियान को लोकसभा चुनाव से पहले वर्ष 2017 में संगठन में भेज दिया गया था। इस बार मुजफ्फरनगर में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को पराजित कर बालियान ने बड़ा रिकार्ड बनाया था। शायद उन्हें इसका भी ईनाम मिला हो।

उधर, मोदी सरकार में इस बार मेनका गांधी को शामिल नहीं किए जाने पर कुछ लोग उनकी बढ़ती उम्र का हवाला दे रहे हैं तो ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जिनको लगता है कि मेनका ने चुनाव प्रचार के समय कई बार अल्पसख्यंकों को लेकर विवादित बयान दिया था। हो सकता है इसीलिए मोदी के सबका साथ−सबका विकास और सबका विश्वास वाले फार्मूले में वह फिट नहीं बैठी हों। इस बार यूपी के अन्य जो नेता मोदी मंत्रिमंडल में फिलहाल जगह नहीं बना पाए हैं, उसमें पिछली मोदी सरकार में मंत्री रहे गौतमबुद्धनगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और बागपत के सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का नाम शामिल है जो इस बार चुनाव जीतने के बाद भी दर्शक दीर्घा में बैठे रहे। गाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव हारने के बावजूद मनोज सिन्हा को लेकर चर्चा गर्म थी कि उन्हें फिर मौका मिल सकता है लेकिन वह भी सूची में शामिल नहीं किये गये हैं तो राज्यसभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ल को भी मौका नहीं मिला। लब्बोलुआब यही है कि जो नेता मोदी और शाह की कसौटी पर खरा उतरा, उसी को मंत्री पद के साथ 'तोहफे' में बंगला−गाड़ी नसीब हो पाई।

-अजय कुमार

प्रमुख खबरें

IRFC में सरकार के Offer For Sale से मचा हड़कंप, Infosys की AI डील ने निवेशकों को बनाया मालामाल।

White House में India के Tariff पर मचा था बवाल, Donald Trump ने अधिकारियों को सरेआम किया खारिज

America से तनाव के बीच Kim Jong Un का बड़ा दांव, North Korea अब समुद्र में बढ़ाएगा परमाणु ताकत

France में Heatwave का जानलेवा कहर, 40 लोगों की मौत, Eiffel Tower भी समय से पहले बंद