By अभिनय आकाश | Jun 03, 2025
शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ बातचीत कर सकता है, बशर्ते वह अपनी धरती पर पनप रहे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। कांग्रेस सांसद पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को खुलेआम प्रायोजित करने के बारे में दुनिया को अवगत कराने के उद्देश्य से राजनेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उसने कहा कि इस्लामाबाद के साथ बातचीत करने में समस्या एक आम भाषा खोजने की नहीं बल्कि शालीनता और शांति के लिए एक आम दृष्टिकोण खोजने की है। संयुक्त राष्ट्र में लश्कर-ए-तैयबा समर्थित 'प्रतिरोधक मोर्चे' को बचाने में बीजिंग की भूमिका की आलोचना करते हुए थरूर ने कहा, 'हम संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति को समय-समय पर आरएफ के बारे में रिपोर्ट करते रहे हैं। जब भारत ने सुरक्षा परिषद में अपने मित्रों को सुरक्षा परिषद द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य में प्रतिरोध मोर्चे का उल्लेख करने के लिए प्रोत्साहित किया, तब भी हमने इस बारे में रिपोर्ट की।'
थरूर ने कहा कि हम उनसे हिंदुस्तानी में बात कर सकते हैं। हम उनसे पंजाबी में बात कर सकते हैं। हम उनसे अंग्रेजी में बात कर सकते हैं। पाकिस्तान के साथ साझा आधार तलाशने में कोई समस्या नहीं है। समस्या शालीनता, शांति के लिए साझा दृष्टिकोण तलाशने की है। हम शांति चाहते हैं, विकास करना चाहते हैं। वे हमें अकेला नहीं छोड़ना चाहते। वे हमें परेशान करना चाहते हैं। वे हमें कमज़ोर करना चाहते हैं।