By अंकित सिंह | Jun 02, 2026
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को कर्नाटक सरकार की आलोचना करते हुए उस पर शासन और प्रशासनिक कर्तव्यों की बजाय आंतरिक राजनीतिक संघर्षों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काफी समय से सत्ता में होने के बावजूद राज्य सरकार अभी भी सत्ता संघर्ष में लगी हुई है, जिसके कारण शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हो रही है। पूनावाला ने कहा कि हमें लगा था कि कर्नाटक में तीन साल से चल रहे इस लगातार सत्ता संघर्ष के बाद अब आखिरकार प्रशासन और शासन व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, लेकिन वे अभी भी सत्ता संघर्ष में लगे हुए हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ताधारी दल के भीतर चल रही राजनीतिक बातचीत के कारण प्रशासनिक तंत्र ठप्प हो गया है, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। पूनावाला ने कहा कि पूरा प्रशासन ठप्प हो गया है और लोग परेशान हो रहे हैं। ये टिप्पणियां कर्नाटक के सत्ताधारी तंत्र में नेतृत्व समन्वय और मंत्रिमंडल गठन को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच आई हैं। ये चर्चाएं 28 मई को सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद 3 जून को डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह से पहले हो रही हैं।
कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिल्ली में एकत्रित हुए हैं, जहां पार्टी उच्च कमान निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री पद के लिए नामित शिवकुमार के साथ नए मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रही है। इन बैठकों के दौरान मंत्री पदों और उपमुख्यमंत्री की भूमिका पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
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