पहले भारतीय साड़ियां को जलाएं, इंडिया आउट कैंपेन को लेकर विरोधियों को शेख हसीना का चैलेंज

By अभिनय आकाश | Apr 01, 2024

बांग्लादेश में विपक्षी नेता भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे। उनके प्रयास को तब तीव्रता मिली जब भारत के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाली शेख हसीना ने लगातार चौथी बार चुनाव जीता। महीनों से खामोश बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना 'भारत का बहिष्कार' अभियान को लेकर विपक्ष पर हमलावर हो गई हैं। हसीना को साड़ी बहुत पसंद है और वह इसका इस्तेमाल अपने प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने के लिए कर रही हैं। हसीना और उनकी अवामी लीग पार्टी के विरोधियों ने उन्हें भारत समर्थक करार देने की कोशिश की है और दावा किया है कि भारत ने उन्हें जनवरी में हुए चुनाव जीतने में मदद की। उन्होंने बांग्लादेश के लोगों से भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील करते हुए एक अभियान शुरू किया।

इसे भी पढ़ें: इंदिरा ने गिफ्ट में दे दी श्रीलंका को जमीन? 2014 में किया वादा पूरा करने का वक्त आ गया! 50 साल पुरानी कच्चातीवु द्वीप की कहानी फिर क्यों बनी हेडलाइन

हसीना ने बीएनपी पर साड़ी टेस्ट

हसीना खुद साड़ियों के प्रति अपने प्रेम और उन्हें भारतीय नेताओं को उपहार में देने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं के लिए एक साड़ी परीक्षण रखा। उन्होंने साड़ी को लेकर अटैक शुरू करते हुए कहा कि जब वे अपनी पत्नियों की भारतीय साड़ियां अपने पार्टी कार्यालय के सामने जलाएंगे, तभी यह साबित होगा कि वे वास्तव में भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सिर्फ साड़ी टेस्ट ही नहीं, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बीएनपी नेता और उनकी पत्नियां भारत से साड़ियां खरीदकर बांग्लादेश में बेचती थीं। हसीना ने आरोप लगाया कि जब बीएनपी सत्ता में थी, मैंने उनके नेताओं की पत्नियों को समूहों में भारतीय साड़ियां खरीदने के लिए भारत आते देखा था। वे बांग्लादेश में साड़ियां बेचती थीं।

प्रमुख खबरें

Peshawar में निजी स्कूल की छत ढहने से 28 बच्चों समेत 29 की मौत, 40 जख्मी

मध्य प्रदेश में मामा Vs मुख्यमंत्री की जंग तेज! शिवराज सिंह चौहान के तीखे तेवर से राज्य की राजनीति गर्माई

आखिर हुतियों को नियंत्रित करने में सऊदी अरब, अमेरिका और ‘इस्लामिक नाटो’ क्यों विफल प्रतीत हो रहे हैं?

Pakistan के Peshawar में निजी स्कूल की छत ढहने से 17 बच्चों समेत 18 की मौत