By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 02, 2019
नयी दिल्ली। भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने राफेल मामले की जांच के लिए बुधवार को लोकसभा में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग की और कहा कि यह पारदर्शी सरकार है इसलिए जेपीसी की जांच से डरना नहीं चाहिए। सदन में राफेल विमान सौदा मुद्दे पर चर्चा के दौरान शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाए और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका खंडन किया, लेकिन अब भी संदेह बने हुए हैं। उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को ऑफसेट अनुबंध नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक ऐसी निजी कंपनी को यह ठेका क्यों दिया गया जो सिर्फ कागजों पर थी?
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रॉय ने सवाल किया कि पहले 126 विमान खरीदने का फैसला हुआ था, लेकिन विमानों की संख्या 36 क्यों की गई? एचएएल को ऑफसेट कांट्रेक्ट क्यों नहीं दिया गया? बीजू जनता दल (बीजद) के कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि कतर ने यही विमान भारत की तुलना में कम कीमत में खरीदा है, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी चाहते हैं कि राफेल सौदे को लेकर जो संदेह है, उसे दूर किया जाना चाहिए। कोई नहीं चाहता कि यह सौदा रद्द हो। देव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रक्षा सौदों से हमारे सेना का नुकसान होता है और राजनीतिक दलों का फायदा होता है। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के जयदेव गल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मेक इन इंडिया’ की बात करते हैं, लेकिन राफेल विमान पूरी तरह से फ्रांस में बन रहा है।