Sjoerd Marijne का मूलमंत्र: बेहतरीन डिफेंस और अनुशासन से Indian Women Hockey Team ने जीता गोल्ड

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 02, 2026

काकामिगाहारा, दो अक्टूबर एशियाई खेलों के फाइनल में चीन की टीम के लगातार हमले करने के बीच भारत की महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन का अपनी खिलाड़ियों के लिए एक सरल संदेश था, अच्छी तरह रक्षण करो, अनुशासन बनाए रखो और लगातार दौड़ते रहो। खिलाड़ी कितनी भी थकी हुई हों या विपक्षी टीम कितनी भी आक्रामकता से दबाव बनाए, उन्हें आगे बढ़ते रहना था। भारतीयों ने उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन किया और एक अनुशासित रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता, साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए स्वतः क्वालीफिकेशन भी हासिल किया।

’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा कि कुछ खिलाड़ी थककर मैदान से बाहर आईं, फिर अगली आई, और फिर अगली। मुझे लगता है कि चौथे क्वार्टर में हमने मुश्किल से कोई मौका गंवाया। इसी तरह आप ये मैच जीतते हैं।

’’ चीन ने लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा लेकिन भारतीय खिलाड़ी डटी रहीं। गोलकीपर सविता पूनिया और बिछू देवी ने चीन को दूर रखने में अहम भूमिका निभाई जिसमें सविता ने एक महत्वपूर्ण पेनल्टी-स्ट्रोक बचाकर मौजूदा चैंपियन को बराबरी करने का मौका नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अद्भुत (पेनल्टी बचाव)।

बिछू ने भी और जिस तरह से वे दोनों मिलकर यह कर रही हैं, वह भी शानदार। मैंने कभी दो खिलाड़ियों को एक-दूसरे की इतनी मदद करते नहीं देखा। ’’ मारिन ने कहा, ‘‘ये दोनों एक ही पोजीशन पर खेलती हैं, लेकिन हर बार एक-दूसरे से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाती हैं।

यह उन दोनों के लिए तारीफ की बात है। और अब यह सविता हैं जिन्होंने यह शानदार बचाव किया। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘गेंद पर कब्जे के लिहाज से यह हमारा सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं था।

लेकिन बात यह है कि कौन अधिक प्रभावी है। आज हम बहुत प्रभावी थे। हम पेनल्टी कॉर्नर से भी गोल कर सकते थे।

अंत की ओर हम बहुत करीब थे, जब गोलकीपर मैदान से बाहर था। लेकिन यह वास्तव में एक टीम का प्रदर्शन था, सिर्फ खिलाड़ियों का नहीं बल्कि सहयोगी स्टाफ का भी। इसमें हर किसी की बड़ी भूमिका थी।

’’ मारिन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सबसे बड़े बदलावों में से एक अनुशासन रहा है, और दूसरा, एक-दूसरे के लिए काम करना। मैं हमेशा कहता हूं कि अगर आप टीम के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो आप अपना व्यक्तिगत लक्ष्य हासिल कर लेंगे। अगर आप अपने व्यक्तिगत लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे तो आप टीम का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे।

’’ उन्होंने कहा, ‘‘यही बदलाव टीम ने किया है। आप देख सकते हैं कि चुनी गई सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर रही हैं और अनुशासन दिखा रही हैं। ’’ मारिन ने सहयोगी स्टाफ की भी जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा, ‘‘पूरे स्टाफ के बीच और स्टाफ तथा खिलाड़ियों के बीच बहुत अच्छा तालमेल है।’’ भारत की जीत ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए टिकट भी पक्का कर दिया जो महिला टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि वह पेरिस खेलों के लिए क्वालीफाई करने से चूक गई थी। मारिन ने शुरुआती ओलंपिक क्वालीफिकेशन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भारतीय महिला टीम के साथ ऐसा पहले कभी हुआ है। असली काम पहले ही शुरू हो चुका है।

हमें इसे आगे बढ़ाते रहना होगा। हम सुधार करना चाहते हैं, और हमारा मुख्य ध्यान खुद पर और इस बात पर है कि हमें क्या बेहतर करने की जरूरत है।

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