By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 26, 2025
दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी में एक नाबालिग लड़की की बलात्कार के बाद हत्या के जुर्म में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। साथ ही दोषी के पिता को भी दंडित किया है, जिसने बच्ची की हत्या में उसकी सहायता की थी।
चौबीस फरवरी को 168 पृष्ठों के दोषसिद्धि आदेश में अदालत ने कहा कि परिस्थितियां और अभियोजन पक्ष के साक्ष्य एक पूर्ण श्रृंखला पेश करते हैं, जिनसे यह अपरिहार्य निष्कर्ष निकलता है कि राजेंद्र ने अपनी हवस पूरी करने के लिए लड़की का अपहरण किया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
अदालत ने कहा कि मामले में यह उचित संदेह से परे साबित हुआ है कि यह व्यक्ति और उसका पिता क्रूर हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। राजेंद्र को जहां बलात्कार, हत्या और अपहरण के अलावा पोक्सो अधिनियम के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोपों में दोषी ठहराया गया, वहीं सरन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत दोषी ठहराया गया।
आदेश में कहा गया है, “ पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि अपहरण के पीछे मकसद हवस थी और उसकी हत्या कर उसके शव को पार्क में गुप्त रूप से फेंकने के पीछे का मकसद कानूनी सजा से खुद को बचाना था।”
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक श्रवण कुमार बिश्नोई पेश हुए और उन्होंने कहा कि राजेंद्र ने चिप्स का लालच देकर लड़की को बहलाया-फुसलाया और अपने घर पर उसका उत्पीड़न किया।