सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल के पानी से पेट दर्द, संक्रमण की बात कहकर पत्नी ने लगाई याचिका

By अभिनय आकाश | Jan 30, 2026

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने उन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि लद्दाख के लोगों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे युद्ध के दौरान भारतीय सेना की मदद नहीं करेंगे या उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें कही थीं। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और पी बी वराले की पीठ के समक्ष यह दलील दी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही है। न्यायमूर्ति कुमार ने सिबल से कहा कि हिरासत में लेने वाले अधिकारियों ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिए गए उनके साक्षात्कार का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि "किसी भी क्षेत्र को जनमत संग्रह के लिए जहां चाहे जाने की छूट है और यदि राज्य का दर्जा देने की मांग और भारतीय संविधान की छठी अनुसूची पूरी नहीं की जाती है, तो लद्दाख के लोग युद्धकाल में भारतीय सेना की मदद नहीं करेंगे।

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इसके बावजूद, शीर्ष अदालत ने कहा कि वांगचुक को गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट जैसे किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की जांच की आवश्यकता है। राजस्थान सरकार के वकील ने अदालत को यह भी बताया कि वांगचुक को विटामिन बी12 लेने की सलाह दी गई है और उनकी ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट में कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है। वहीं, सोनम वांगचुक ने गुरुवार को उन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने 'अरब स्प्रिंग' की तरह सरकार को उखाड़ फेंकने वाला बयान दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ के समक्ष यह तर्क दिया कि पुलिस ने हिरासत में भेजने वाले प्राधिकारी को गुमराह करने के लिए चुनिंदा विडियो का सहारा लिया है।

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