अरावली के लिए 'मौत का फरमान'? सोनिया गांधी ने सरकार को घेरा, पहाड़ियों पर खनन की छूट पर उठाए सवाल

By अभिनय आकाश | Dec 03, 2025

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे इन पहाड़ियों के लिए मौत का वारंट बताया। सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर को अरावली पहाड़ियों की केंद्र सरकार की परिभाषा को स्वीकार कर लिया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि इस पर्वत श्रृंखला में 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली कोई भी पहाड़ी खनन के खिलाफ प्रतिबंधों के अधीन नहीं है। कांग्रेस ने एक राष्ट्रीय दैनिक में गांधी के लेख का एक अंश साझा किया, जिसमें कहा गया था। अरावली पर्वतमाला, जो गुजरात से राजस्थान होते हुए हरियाणा तक फैली है। लंबे समय से भारतीय भूगोल और इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एक्स पर पोस्ट में कहा गया कि सरकारी नीति-निर्माण में पर्यावरण के प्रति गहरी और निरंतर उपेक्षा व्याप्त है। इसके अलावा, उन्होंने वनों की कटाई और स्थानीय समुदायों को जंगलों से बेदखल करने को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की भावना का उल्लंघन बताया। कांग्रेस नेता ने नीतिगत स्तर पर बदलाव की माँग की और केंद्र से वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 और वन संरक्षण नियम, 2022 में संशोधनों को वापस लेने का अनुरोध किया।

इसे भी पढ़ें: BJP ने इस चुनाव के लिए 'सोनिया गांधी' को बनाया अपना उम्मीदवार, कांग्रेस ने पकड़ लिया माथा

इससे पहले 20 नवंबर को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं की परिभाषा को स्वीकार करते हुए एक आदेश सुनाया था। सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पहाड़ियों में सतत खनन और अवैध खनन को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की सिफारिशों को भी स्वीकार कर लिया।

प्रमुख खबरें

Pakistan पर क्लीन स्वीप का खतरा, Test Series में इतिहास रचने से 3 विकेट दूर Bangladesh

Afghanistan Series: Team India में Shubman Gill युग की शुरुआत, रोहित-विराट की वापसी

UFC स्टार Pooja Tomar का बड़ा बयान- सही सपोर्ट मिले तो MMA में दुनिया पर राज करेगा India

Premier League Title Race: आखिरी मोड़ पर जंग, Arsenal की जीत ने Man City की बढ़ाई टेंशन