By टीम प्रभासाक्षी | Feb 13, 2022
संसद की कार्यवाही में कांग्रेस की रणनीति को लेकर सोनिया गांधी ने अहम फैसला लिया है। 28 जनवरी को हुई ऑनलाइन बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को हिदायत दी कि वह सभी को बोलने का मौका दें। उन्होंने कहा कि दूसरे नेताओं को भी संसद की बहसों में शामिल होने का मौका देना चाहिए।
सोनिया गांधी ने अधीर रंजन चौधरी को हिदायत तो दी, लेकिन एक बात साफ कर दी कि लोकसभा में पार्टी के नेता वही बने रहेंगे। उन्होंने अधीर रंजन चौधरी को असली योद्धा बताया। सोनिया गांधी ने कहा कि वह काफी अध्ययन करते हैं और संसद के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं।
जब भड़क गए थे आनंद शर्मा
दरअसल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस को बोलने के लिए 109 मिनट का वक्त दिया गया था। हालांकि बहस के दौरान एक घंटा तो राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मलिकार्जुन खरगे ही बोलते रहे। इसके बाद जब आनंद शर्मा का नंबर आया तो वह भड़क गए। यहां तक कि उन्होंने बोलने से इंकार कर दिया और कहा कि इतना वक्त ही नहीं है कि वह अपनी बात रख सकें।