वीरप्पा मोइली ने जताया खेद, कहा- हमने कभी सोनिया गांधी के नेतृत्व पर नहीं उठाया सवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 25, 2020

बेंगलुरु। कांग्रेस में तत्काल सांगठनिक सुधारों की मांग करने वाले पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं में शामिल एम वीरप्पा मोइली ने मंगलवार को कहा, ‘‘अगर हमने उनकी (सोनिया गांधी की) भावनाओं को ठेस पहुंचाई हो तो हमें इसके लिए खेद है।’’ मोइली ने कहा कि उन्होंने कभी सोनिया के नेतृत्व पर सवाल नहीं उठाया। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को लिखे पत्र पर दस्तखत करने का बचाव करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह बात कही। मोइली ने यह पत्र मीडिया को लीक होने पर भी अफसोस जताया और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए आंतरिक जांच होनी चाहिए और उन्हें सजा दी जानी चाहिए। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्र लिखने वाले 23 नेताओें में से किसी का इरादा कांग्रेस छोड़ने का नहीं है। 

सोनिया ने सीडब्ल्यूसी में अपने समापन संबोधन में पद पर बने रहने पर सहमति जताई थी लेकिन कहा कि यह व्यवस्था लंबे समय तक नहीं रह सकती और जल्द नये पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करना होगा। मोइली ने कहा कि कांग्रेस कठिन समय से गुजर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम कांग्रेस पार्टी को हारने नहीं दे सकते, जिसे हमने अपने पसीने, समर्पण और बलिदान से सींचा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सोनिया जी के बलिदान को स्वीकार करते हैं। वह पद लेने की इच्छुक नहीं थीं, लेकिन उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अपना जीवन दे दिया। कोई सोनियाजी के प्रति कृतघ्न नहीं हो सकता। हम उन्हें अब भी अपनी माता तथा पार्टी की और देश की नियति तय करने वाली मार्गदर्शक मानते हैं।’’ 

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कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सम्मान बना रहेगा। लेकिन पार्टी में नयी ऊर्जा के संचार की भी जरूरत है। हमारे पत्र का मुख्य केंद्र बिंदु ही हर स्तर पर कांग्रेस में नयी ऊर्जा का संचार करना था। इसका यह मतलब नहीं हुआ कि उन्हें अध्यक्ष नहीं रहना चाहिए। उनका पुन: अंतरिम अध्यक्ष बनना स्वागत योग्य है। हम सभी उन्हें स्नेह करते हैं।’’ मोइली ने दावा किया कि वरिष्ठ नेताओं द्वारा कांग्रेस नेतृत्व को लिखे गए पत्र को कुछ शरारती तत्वों ने लीक कर दिया। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद सोमवार रात को दिल्ली में वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के घर पर कपिल सिब्बल और शशि थरूर समेत वरिष्ठ पार्टी नेताओं की मुलाकात पर मोइली ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, क्योंकि वह राष्ट्रीय राजधानी में नहीं थे। उन्होंने कहा कि हममें से किसी का पार्टी की निंदा करना या पार्टी से अलग होने के बारे में सोचने का सवाल ही नहीं उठता। भाजपा से हाथ मिलाने का सवाल तो बिल्कुल ही नहीं उठता। हम भाजपा से घृणा करते हैं, हम भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से नफरत करते रहेंगे।

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