इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले ही सपा-रालोद ने सीटों के बँटवारे पर चर्चा शुरू कर दी है

By स्वदेश कुमार | Aug 08, 2023

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल और कांग्रेस ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन तो कर दिया है लेकिन लगता है इन दलों के नेताओं का दल के साथ दिल नहीं मिल पाया है। गठबंधन की अभी बुनियाद ही पड़ी थी और इसके कमजोर होने का अहसास भी होने लगा है। ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को अनदेखा करते हुए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने सीटों के बंटवारे की कवायद शुरू कर दी है। सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब एक दर्जन उन लोकसभा सीटों की सूची थमा दी है, जिस पर वह अपने प्रत्याशी उतारना चाहते हैं। जयंत चौधरी ने जिन सीटों का चयन किया है वह मुस्लिम और जाट बाहुल्य हैं। इसको लेकर समाजवादी पार्टी में भी मंथन शुरू हो गया है, लेकिन पूरी ‘पिक्चर’ से कांग्रेस गायब है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर कांग्रेस की भी नजर लगी हुई है। अभी कांग्रेस की तरफ से इसको लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश कांग्रेस का आलाकमान इस पर नजर रखे हुए है।

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गौरतलब है कि करीब तीन माह पूर्व राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने सपा से गठबंधन टूटने की अफवाहों पर विराम लगा दिया था। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन को लेकर कहा था कि इस पर फैसला विपक्षी दल मिलकर लेंगे। आरएलडी को लेकर यह भी कयास लगाए जा रहे थे कि वह पटना में विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होगी, लेकिन वहां जयंत चौधरी की गैर-मौजूदगी को दबाव की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वैसे राज्यसभा में भी जब मानसून सत्र के दौरान दिल्ली के संबंध में बिल आया तो जयंत चौधरी सदन से गैरहाजिर थे। इस पर उनकी पार्टी द्वारा सफाई दी जा रही है कि मेडिकल इमरजेंसी के चलते वह वोटिंग के समय मौजूद नही रह पाए थे।          

      

बहरहाल, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी जिस तरह से सीटों के बंटवारे के लिए तेजी दिखा रहे हैं उसको लेकर राजनैतिक पंडितों का कहना है कि जयंत चौधरी नहीं चाहते हैं कि इंडिया गठबंधन में तब सीटों का बंटवारा हो, जब उनके लिए भाजपा में जाने के सभी रास्ते बंद हो जाए। अभी यदि अखिलेश यादव सीटों के बंटवारे में रालोद को थोड़ा भी ना नुकुर दिखाएंगे तो रालोद पाला बदलने में देर नहीं करेगा। वैसे भी रालोद के आईडियोलॉजी सबके साथ फिट हो जाती है।

-स्वदेश कुमार

(स्वतंत्र पत्रकार एवं पूर्व सूचना आयुक्त, उ0प्र0)

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