By अंकित सिंह | Jul 05, 2025
बिहार की मतदाता सूची में विसंगतियों के कांग्रेस के आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार, हर चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन किया जाना चाहिए। 1 जनवरी 2003 के बाद मतदाता सूची और मतदाताओं के सभी विवरणों की विस्तृत जांच नहीं की गई। यह एक सामान्य प्रथा है। लगभग हर राजनीतिक दल ने मतदाता सूची की प्रामाणिकता में समस्याओं के बारे में शिकायत की और अद्यतनीकरण की मांग की। सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से 1 लाख से अधिक बूथ-स्तरीय अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं।
पवन खेड़ा ने पूछा कि आप केवल 30 दिनों में 8 करोड़ मतदाताओं के नामों का सत्यापन कैसे कर सकते हैं? यहां तक कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी कहा है कि यह नया ईसीआई और नया सामान्य है। क्या अब यह सीईसी पर निर्भर है कि वह किससे मिलेंगे या किससे नहीं मिलेंगे? तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाला विपक्षी महागठबंधन राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में अगले सप्ताह चक्का जाम जाम करेगा। विपक्ष के नेता ने ‘‘9 जुलाई को चक्का जाम’’ करने की फेसबुक पर घोषणा की।
उन्होंने महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए यहां निर्वाचन आयोग कार्यालय का दौरा करने के तुरंत बाद ‘फेसबुक लाइव’ किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जो कमजोर वर्गों को उनके मताधिकार से वंचित करने की साजिश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह डर है कि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) आगामी विधानसभा चुनाव हार सकता है।’’