By एकता | Oct 04, 2026
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका सांभरवाल का रविवार को हरियाणा के भिवानी में घर लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले को लेकर इशिका ने कहा कि टीम को पता था कि चीन उनसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन खिलाड़ियों को उसे हराने का पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, “हमें पता था कि चीन हमसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन हमें भरोसा था कि हम उसे हरा सकते हैं। हमने वर्ल्ड कप में भी चीन के खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।”
एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद इशिका ने कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान ओलंपिक पर रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनने को अपने लिए गर्व की बात बताया। इशिका ने कहा, “अब हमारा पूरा ध्यान ओलंपिक पर होगा। मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस टीम और उस स्क्वाड का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसने इतिहास रचा है।”
इशिका की मां आशा सांभरवाल ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार ने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में पदक जीता।
आशा सांभरवाल ने कहा, “हमने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद पदक जीता। खिलाड़ी जिस तरह मेहनत कर रही हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि टीम का प्रदर्शन आगे और बेहतर ही होगा।”
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।