स्कूल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे, फिटनेस के मुरीद रिजिजू को सौंपी गई खेल मंत्रालय की कमान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 31, 2019

नयी दिल्ली। पूर्वोत्तर में भाजपा का चेहरा माने जाने वाले प्रखर वक्ता और पूर्व गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू नयी नरेंद्र मोदी सरकार में युवा कार्य और खेल मंत्रालय संभालेंगे और यह इत्तेफाक है कि अपने स्कूल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे, फिटनेस के मुरीद इस युवा नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिछली सरकार में गृह राज्यमंत्री रहे रिजिजू का खेलों से नाता नया नहीं है। सोशल मीडिया पर अक्सर अपनी वर्जिश की तस्वीरें डालकर फिटनेस के प्रति जागरूकता जगाने वाले रिजिजू अपने स्कूली दिनों में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। यही नहीं उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में भी हिस्सा लिया था। 

इसे भी पढ़ें: मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर बोले नीतीश कुमार, हमें प्रस्ताव मंजूर नहीं

वह अपने करीबी दोस्त और पूर्व खेलमंत्री राज्यवर्धन राठौड की जगह यह विभाग संभालेंगे। राठौड़ को नयी मोदी सरकार में जगह नहीं मिली है। 48 बरस के रिजिजू को पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा माना जाता है। पूर्वोत्तर के सबसे ओजस्वी नेताओं में से एक रिजिजू संसद में क्षेत्र की आवाज भी रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: ईमानदारी के ''प्रताप'' से चमकेगा मोदी कैबिनेट का आभामंडल

अपने स्कूली दिनों में समाजसेवा में सक्रिय रहे रिजिजू ने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया। वह युवा और सांस्कृतिक टीम के सदस्य के तौर पर 1987 में तत्कालीन सोवियत संघ में भारत उत्सव में भाग लेने गए। युवा नेता और संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर कई देशों का दौरा कर चुके रिजिजू ने हंसराज कालेज से स्नातक और दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की।

इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्री बनने वाले पहले नौकरशाह हैं जयशंकर

वह 29 बरस की उम्र में 2000 से 2005 तक खादी और ग्रामीण उद्योग आयोग के सदस्य रहे। उन्होंने 2004 में अरूणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से संसद में प्रवेश किया और 14वीं लोकसभा के सबसे प्रखर वक्ताओं में अपना नाम शामिल कराने में कामयाब रहे। हालांकि अगले लोकसभा चुनाव में वह 1314 मतों से हार गए । लेकिन 2014 में फिर इसी लोकसभा सीट से चुने गए। उन्होंने पिछली बार कांग्रेस के तकाम संजय को 43,738 मतों से हराया और मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा बने। इस बार उन्होंने दो बार के मुख्यमंत्री नबाम तुकी को डेढ लाख से अधिक मतों से हराया। जहां सूरज की पहली किरणें पड़ती है, उस अरूणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले के नफरा में 19 नवंबर 1971 को जन्मे रिजिजू के पिता अरूणाचल प्रदेश विधानसभा के अस्थायी स्पीकर रह चुके हैं। 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Liverpool का बड़ा दांव! युवा डिफेंडर Jeremy Jacquet पर लुटाए ₹500 करोड़, जानें कौन है ये Future Star?

Formula 1: जैक डूहान बने हास एफ1 टीम के रिजर्व ड्राइवर, 2026 पर नजर

Pakistan की एक जिद पड़ेगी भारी! India से T20 World Cup मैच छोड़ा तो ICC ठोकेगा करोड़ों का जुर्माना

Air India की London Flight में टला बड़ा हादसा, DGCA बोला- गलत तरीके से छूने से बंद हो सकता था इंजन