By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई के लिए पानी और नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को रविवार शाम बिरधवाल हेड से करीब दो किलोमीटर पहले रोक दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, किसानों को रोकने के लिए सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग पर कई जगह नाकाबंदी की गई थी लेकिन किसान अवरोधकों को हटाकर आगे बढ़ते रहे। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग बंद कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर पुलिस बल के साथ बिरधवाल हेड पर तैनात रहे।
‘खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में किसान अनूपगढ़ शाखा नहर में पानी छोड़ने, रबी फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। जयपुर में सिंचाई मंत्री सुरेश रावत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय वार्ता में नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था में बदलाव पर सहमति नहीं बनने के बाद रविवार को घड़साना में भी वार्ता विफल रही। इसके बाद किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के काफिले के साथ बिरधवाल हेड की ओर कूच करने का फैसला किया।
रविवार दोपहर सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग पर आगे बढ़ रहे किसानों को 330 आरडी गोपालसर चौराहे के पास रोकने के लिए पुलिस ने अवरोधक लगाए और सड़क पर ट्रक खड़े कर दिए। किसानों ने आगे बढ़ना जारी रखा। अनूपगढ़ के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अशोक सांगवा और पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की, लेकिन वे आगे बढ़ गए।
इसके बाद 285 आरडी बीरमाना से पहले तीन स्थानों पर अवरोधक लगाकर काफिले को रोकने का प्रयास किया गया। शाम करीब साढ़े चार बजे 270 आरडी के पास पुलिस ने फिर किसानों को रोकने की कोशिश की, जहां मामूली झड़प हुई। शाम करीब साढ़े पांच बजे किसानों को बिरधवाल हेड से लगभग दो किलोमीटर पहले रोक दिया गया।
इसके बाद किसान वन विभाग कार्यालय के सामने जमा हो गए। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिंचाई के लिए पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।