इंदिरा ने गिफ्ट में दे दी जमीन? अब श्रीलंका के विदेश मंत्री ने किया साफ- कच्चाथीवू द्वीप किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे

By अभिनय आकाश | Jul 05, 2025

भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका ने विवादित कच्चतीव् द्वीप को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे भारत की टेंशन बड़ सकती है। कच्चतीव् द्वीप को लेकर श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता बाहेराथ ने कहा कि यह श्रीलंका की जमीन है और हम किसी कीमत पर इसे नहीं छोड़ेंगे। हम किसी तरह की संप्रभुता छोड़ने के पक्ष में नहीं है। हेराथ ने भारत के भीतर कच्चतीवू को लेकर हो रही चर्चा को आंतरिक राजनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केंद्र में भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच की खींचतान का हिस्सा है। हेराथ ने कहा कि कच्चतीवू श्रीलंका का हिस्सा है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून से मान्यता मिली हुई है। गौरतलब है कि भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1974 में एक समुद्री संधि के तहत कच्चतीव को श्रीलंका को सौंपा था। इसके बाद 1976 के समझौते में दोनों देशों के मछुआरों को एक-दूसरे के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में मछली पकड़ने से प्रतिबंधित किया गया। 

इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu: डीएमके और बीजेपी के साथ गठबंधन से इनकार, विजय चंद्रशेखर होंगे टीवीके के सीएम फेस

द्वीप का इतिहास

कच्चाथीवू द्वीप का निर्माण 14वीं शताब्दी में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण हुआ था। रामनाड (वर्तमान रामनाथपुरम, तमिलनाडु) के राजा के पास कच्चातिवु द्वीप था और यह बाद में मद्रास प्रेसीडेंसी का हिस्सा बन गया। 1921 में श्रीलंका और भारत दोनों ने मछली पकड़ने के लिए भूमि के इस टुकड़े पर दावा किया और विवाद अनसुलझा रहा। ब्रिटिश शासन के दौरान 285 एकड़ भूमि का प्रशासन भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता था।  

प्रमुख खबरें

Iran war Crisis: PM Modi एक्शन में, कल मुख्यमंत्रियों संग करेंगे High Level Meeting

Shaurya Path: Indian Army ने उतारी ड्रोन वाली घातक फौज, Shaurya Squadron से दुश्मन का खेल पल भर में होगा खत्म

इजरायल का सनसनीखेज दावा: IRGC नेवी कमांडर Alireza Tangsiri की हत्या, Iran ने साधी चुप्पी

Vijay-Sangeetha विवाद के बीच Aarti Ravi का सवाल- क्या पति की Market Value से मिलती है पत्नी को हमदर्दी?