30 Years Of Khalnayak । विलेन का रोल निभाना चाहते थे Anil Kapoor, 'चोली के पीछे क्या है' गाने की रिलीज से पहले तनाव में थे Subhash Ghai

By एकता | Aug 06, 2023

सुभास घई की सुपरहिट फिल्म 'खलनायक' को रिलीज हुए आज पूरे 30 साल बीत गए हैं। आज से तीन दशक पहले 6 अगस्त को ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। एक वो समय था और आज का समय है। न तो फिल्म और न ही इसके गानों को लेकर लोगों का क्रेज कम हुआ है। फिल्म के गाने जैसे 'नायक नहीं खलनायक हूं मैं' और 'चोली के पीछे क्या है' आज भी शादियों में डीजे पर बजते हैं। इनकी धुन सुनते ही लोग इन्हें गुनगुनाते लगते हैं। खलनायक के 30 साल पूरे होने की खुशी में निर्माता सुभास घई ने फिल्म और इससे जुड़े कुछ अनदेखे पहलुओं पर खास बातचीत की है।

इसे भी पढ़ें: माँ बनीं Ileana D’Cruz, दिया बेटे को जन्म, ब्लैक एंड व्हाइट अंदाज में रिवील किया चेहरा और नाम

'चोली के पीछे' की रिलीज से पहले तनाव में थे सुभाष घई

फिल्म 'खलनायक' की म्यूजिक एल्बम उस जमाने में एक बड़ी हिट साबित हुई। हालाँकि, इसकी रिलीज से पहले निर्माता फिल्म के गानों खासकर 'चोली के पीछे' को लेकर काफी तनाव में थे। लेकिन म्यूजिक एल्बम के रिलीज होते ही फिल्म का टाइटल ट्रैक और गाना 'चोली के पीछे' चार्टबस्टर साबित हुए। आनंद बख्शी के साथ खलनायक के गानों को लेकर हुई बातचीत को याद करते हुए सुभाष ने कहा, 'गीत के बोल के साथ रात को उन्होंने मुझे फोन किया और मैं चौंक गया। मैंने कहा, "नहीं, हम इसे नहीं बना सकते।" वे हंसने लगे। लेकिन हां, मैं काफी तनाव में था, इसलिए हमने इसे एक कलात्मक गीत बनाने का फैसला किया। ऐसे कई संगठन थे जिन्होंने गाने का विरोध किया। लेकिन मैंने उनसे हमेशा इसे पूरा सुनने के लिए कहा। आज, इस गाने ने पंथ का दर्जा हासिल कर लिया है और युवाओं द्वारा इसका आनंद लिया जाता है।'

View this post on Instagram

A post shared by @subhashghai1

प्रमुख खबरें

US-Israel Iran War Day 38 Updates: Strait of Hormuz पर Trump की Deadline से पहले बड़ा खेल, हवाई हमले में ईरान के खुफिया प्रमुख की मौत

इस छोटे से डिवाइस ने कैसे पूरे ईरानी सैनिकों को बनाया बेवकूफ? पलक झपकते ही हो गया दुनिया का सबसे हैरतअंगेज रेस्क्यू

Hormuz के खतरनाक रास्ते पर भारत का जलवा, एक और जहाज ने सफलतापूर्वक पूरा किया अपना मिशन

कोरिया से वियतनाम, अफगानिस्तान से ईरान...किसी मोड़ पे हारा, किसी मोड़ पे जीत गया, अमेरिका के युद्धनीति वाले इतिहास का एक और दौड़ बीत गया?