By एकता | Oct 06, 2026
अगर आप हफ्ते के पांच दिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कुर्सी पर बैठकर लैपटॉप पर काम करते हैं और शनिवार-रविवार को फिट रहने के लिए अचानक भारी कसरत शुरू कर देते हैं, तो सावधान हो जाइए। पूरे हफ्ते शरीर की ज्यादा हलचल नहीं होती और फिर वीकेंड पर अचानक ज्यादा कसरत करने से कंधों पर दबाव बढ़ सकता है।
अगर आप पूरे हफ्ते कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं और कंधों का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता, तो अचानक एक घंटे तक बैडमिंटन खेलना या कसरत के दौरान भारी वजन उठाना शरीर के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है।
खासकर ऐसे खेलों में, जिनमें हाथ को बार-बार सिर के ऊपर ले जाना पड़ता है, कंधे पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, बैडमिंटन और टेनिस खेलते समय हाथ को बार-बार ऊपर करने वाली गतिविधि होती है। कसरत के दौरान भी ऐसी गतिविधियां की जाती हैं।
ऐसे में अगर शरीर पूरे हफ्ते इस तरह की गतिविधियों के लिए तैयार नहीं हुआ है और वीकेंड पर अचानक पूरा जोर लगा दिया जाए, तो कंधे पर दबाव बढ़ सकता है।
कई लोग पहले काफी सक्रिय रहे होते हैं और लंबे समय के ब्रेक के बाद फिर से उसी स्तर पर कसरत शुरू कर देते हैं। लेकिन कुछ साल पहले जिस स्तर की कसरत आसानी से हो जाती थी, जरूरी नहीं कि आज भी शरीर उतना ही तैयार हो।
थकान होने के बाद भी कसरत जारी रखना कंधे की परेशानी को बढ़ा सकता है। इसलिए लंबे ब्रेक के बाद धीरे-धीरे कसरत शुरू करना बेहतर है।
अगर आप वीकेंड पर कसरत या खेलकूद करने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें।
- सीधे भारी वजन न उठाएं। पहले हल्की कसरत और शरीर को तैयार करने वाली गतिविधियों से शुरुआत करें।
- अगर वीकेंड पर बैडमिंटन या टेनिस खेल रहे हैं, तो केवल दौड़ने के बजाय कंधों और हाथों को भी अच्छी तरह तैयार करें।
- लंबे ब्रेक के बाद धीरे-धीरे कसरत का समय और उसकी कठिनाई बढ़ाएं।
- हफ्ते के बाकी दिनों में भी थोड़ा सक्रिय रहें, ताकि पूरा दबाव सिर्फ वीकेंड पर न पड़े।
- एक दिन पहले किए गए पुश-अप, प्लैंक या भारी छाती की कसरत को पूरा आराम न समझें। इनमें भी कंधों पर काम होता है।
डॉक्टर के मुताबिक, कसरत के बाद थोड़ी-बहुत जकड़न होना सामान्य हो सकता है, खासकर तब जब आप लंबे समय के बाद दोबारा कसरत शुरू कर रहे हों। लेकिन अगर हर बार हाथ ऊपर उठाने, बैडमिंटन या टेनिस में सर्विस करने या कोई चीज फेंकने पर दर्द हो रहा है, कंधे में कमजोरी महसूस होती है या हाथ घुमाने में परेशानी हो रही है, तो इसे बार-बार नजरअंदाज न करें।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर कसरत रोक दें और डॉक्टर से सलाह लें। शुरुआत में ही ध्यान देने से परेशानी बढ़ने से बच सकती है और आप ठीक होकर दोबारा अपने पसंदीदा खेल या कसरत पर लौट सकते हैं।