By अंकित सिंह | Oct 07, 2026
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पहले परिवार ने दिल्ली की सड़कों पर जो किया, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे यह बिल्कुल साफ हो जाता है कि उन्हें संविधान से कोई लेना-देना नहीं है; उन्हें बस अराजकता से मतलब है। इसका सबूत इस बात से मिलता है कि जब चुनाव आयोग (EC) उनसे मिलने को तैयार था, तो वे भी उनसे मिलने को तैयार थे। संविधान कहता है कि EC, CJI या CAG को किसी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में नहीं बुलाया जा सकता।
भाजपा नेता ने सवाल किया कि मैं इन ड्रामा करने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि वे अपने ही कार्यकर्ताओं की लाशों पर पैर रखकर चलते थे और दिल्ली में कहते थे, 'लोकतंत्र बचाने के लिए हमें ममता की ज़रूरत है।' क्या आप तब सही थे या अब? आप अराजकता में विश्वास करना चाहते हैं, संविधान में नहीं। यह संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि आपके परिवार का अहंकार है। यह साफ है कि 'दिमागी नक्सल' कांग्रेस, जिसने जनता का जनादेश खो दिया है, के पास अब बस एक ही रास्ता बचा है - मीडिया की सुर्खियों में आना और अराजकता चुनना।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस देश के विपक्ष के नेता अराजकता के माहौल में असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं उनसे साफ़ तौर पर कहना चाहता हूँ कि भारत की जनता उनके मकसद और इरादे को कभी भी हकीकत नहीं बनने देगी। उन्होंने हमेशा उन लोगों की परवाह की है जो यहाँ की जनता के अधिकार छीनते हैं। वह असामाजिक तत्वों की मदद से दिल्ली में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
नितिन नवीन ने आगे कहा कि मैं विपक्ष के नेता से कहना चाहता हूँ कि जिन लोगों को अधिकार दिलाने की वह बात करते हैं, भारत की जनता ऐसे घुसपैठियों को कभी भी अधिकार नहीं देगी। आप किसकी परवाह करते हैं? आप किसके लिए लड़ रहे हैं?...अगर SIR के ज़रिए ऐसे घुसपैठियों के नाम हटा दिए जाते हैं और फिर भी आप इसे लेकर देश के लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल आप पर ही उठता है। ऐसी अराजक सोच का जवाब भारत की जनता देगी।