By अभिनय आकाश | Oct 10, 2026
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को दिल्ली में युवाओं की हिरासत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है और सरकारों को लोगों की आवाज़ दबाने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के तहत नागरिकों को मिले अधिकार लंबे संघर्षों के बाद हासिल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले को कानूनी तौर पर लड़ रही है और सोमवार को फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी; साथ ही उन्होंने कहा कि वह भी इस लड़ाई में शामिल होंगे। पत्रकारों से बात करते हुए सुखू ने कहा कि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सबसे अहम है और अगर लोगों को लगता है कि उनसे यह अधिकार छीना जा रहा है या इसमें कोई गड़बड़ी की जा रही है, तो उनका आंदोलन शुरू करना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार एक मुख्य साधन है। युवाओं को रामलीला मैदान में विरोध करने की इजाज़त दी जानी चाहिए थी। उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश करने का कोई फ़ायदा नहीं है, क्योंकि इसे कभी दबाया नहीं जा सकता।
सुक्खू ने कहा कि विरोध करने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए, प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लेना और पाबंदियां लगाना लोकतंत्र के अनुरूप नहीं है, और इस मुद्दे को जन-आंदोलन और कानूनी कार्रवाई के ज़रिए उठाया जाता रहेगा।