By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026
(दि17 तीसरे पैरा में से कुछ शब्द हटाते हुए रिपीट) नयी दिल्ली, छह नवंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता के. आर. पेरियाकरुप्पन की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उम्मीदवार आर. श्रीनिवास सेतुपति की एक वोट से हुई जीत को चुनौती दी गयी है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने पेरियाकरुप्पन की अपील स्वीकार कर ली। उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सेतुपति की जीत के खिलाफ दायर उनकी चुनाव याचिका खारिज कर दी गई थी।
शीर्ष न्यायालय ने सेतुपति समेत सभी प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि इस बीच चुनाव से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं। द्रमुक नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी पेश हुए।
उच्च न्यायालय ने 28 सितंबर को पेरियाकरुप्पन की चुनाव याचिका खारिज कर दी थी। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र से सेतुपति को 83,375 वोट मिले थे, जो पेरियाकरुप्पन को मिले 83,374 वोटों से एक अधिक था। चुनाव के नतीजे चार मई को घोषित किए गए थे।
उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया है, उच्च न्यायालय ने अपीलकर्ता की चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दिया। सम्मानपूर्वक यह कहा जाता है कि एकल न्यायाधीश ने महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार किए बिना, चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और दलीलों के बजाय उनके प्रमाण की कसौटी पर जांच की, जो एक गंभीर त्रुटि है।’’