सुप्रीम कोर्ट संविधान का संरक्षक है, उपराष्ट्रपति की न्यायपालिका संबंधी टिप्पणी पर बोले पूर्व न्यायधीश

By अभिनय आकाश | Apr 19, 2025

पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने विधेयकों पर संविधान के संरक्षक के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का समर्थन किया, जबकि उपराष्ट्रपति के इस दावे को खारिज कर दिया कि शीर्ष अदालत सुपर संसद की तरह काम कर रही है। न्यायमूर्ति जोसेफ ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु के विधेयकों को पारित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करके सर्वोच्च न्यायालय ने सही किया, जो कई महीनों से राज्यपाल के पास लंबित थे। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज ने कहा कि अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को पूर्ण न्याय करने की शक्ति देता है। इस मामले में शीर्ष अदालत ने 142 का इस्तेमाल करके सही किया।

इसे भी पढ़ें: Yes Milord: Waqf Act पर कहां फंसी सरकार? क्या हैं वो तथ्य जिसकी कसौटी पर अपना फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शीर्ष अदालत के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अनुच्छेद 142 लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ परमाणु मिसाइल बन गया है, जो न्यायपालिका के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है। न्यायमूर्ति जोसेफ ने इस बात पर जोर देते हुए कि राज्यपाल कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं, कहा कि विधेयक को पारित करने में देरी करने से उसका पूरा उद्देश्य ही विफल हो सकता है।

प्रमुख खबरें

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 21 अन्य लोगों की मौत, 5.65 लाख प्रभावित

National Mango Day 2026: Global Market में भारतीय आम का जलवा, जानिए क्यों खास है 22 July का यह दिन

Saudi Arabia Nuclear Deal | क्या सऊदी अरब अब बनाएगा परमाणु बम? ट्रंप की सिविल न्यूक्लियर डील के पीछे के मायने, शर्तें और चुनौतियाँ | Explained

BJP Nationwide Protest | PM आवास के बाहर Rahul Gandhi के प्रदर्शन के जवाब में BJP का देशव्यापी हल्लाबोल, कांग्रेस दफ्तरों का घेराव करेगी भाजपा