By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 02, 2026
उच्चतम न्यायालय में बुधवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) की दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पेश की गई। यह फैसला उन 2,445 अभ्यर्थियों से जुड़ा है, जो तकनीकी दिक्कतों के कारण परीक्षा नहीं दे पाए थे। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को एक वकील ने बताया कि दोबारा परीक्षा कराना शीर्ष अदालत के पहले के आदेश का उल्लंघन है।
आप उसी पीठ के समक्ष इसका उल्लेख करें। इन मामलों में कई घटनाक्रम होते रहते हैं।’’ राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) तकनीकी व्यवधान से प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा। नीट-पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को देशभर में आयोजित की गई थी।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, परीक्षा में कुल 2,65,980 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 2,63,535 अभ्यर्थियों की परीक्षा बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई थी।