By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 29, 2026
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 29 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्र सरकार के 2021 के उस कार्यालय ज्ञापन को रद्द कर दिया, जिसके तहत बिना पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी के शुरू की गई परियोजनाओं को पूर्वप्रभावी पर्यावरणीय मंजूरी देने की व्यवस्था बनाई गई थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पांचोली की पीठ ने सर्वसम्मत फैसले में सरकार को कुछ राहत भी प्रदान की। पीठ ने कहा कि यह फैसला भावी प्रभाव से लागू होगा और पहले से पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) प्राप्त परियोजनाएं इससे प्रभावित नहीं होंगी।
पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए उच्चतम न्यायालय यदि उचित समझे तो किसी परियोजना को कार्योत्तर (पोस्ट-फैक्टो) पर्यावरणीय मंजूरी दे सकता है। उच्चतम न्यायालय ने एक अप्रैल को पुनर्विचार याचिकाओं सहित सभी याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। ये याचिकाएं पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं को पूर्वप्रभावी पर्यावरणीय मंजूरी दिए जाने से संबंधित थीं।