Anil Ambani को Supreme Court से झटका, 'धोखाधड़ी' घोषित करने की बैंक कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार

By रेनू तिवारी | Apr 16, 2026

रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अंबानी को बड़ी कानूनी राहत नहीं मिल सकी है। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अंबानी की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने बैंकों को उनके खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ (Fraud) घोषित करने की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी थी।

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उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश अंबानी द्वारा दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जिनमें उन्होंने उच्च न्यायालय की खंडपीठ के 23 फरवरी के आदेश को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने एकल पीठ के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ वाला घोषित करने की कार्यवाही पर रोक लगाई गई थी।

इसके साथ ही खंडपीठ ने तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और ऑडिट कंपनी बीडीओ इंडिया एलएलपी द्वारा दिसंबर 2025 में एकल पीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपीलों को स्वीकार कर लिया था। एकल पीठ के आदेश में इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा की जा रही वर्तमान और भविष्य की सभी कार्रवाइयों पर रोक लगाई गई थी।

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अदालत ने कहा था कि यह कार्रवाई कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण ‘फॉरेंसिक ऑडिट’ पर आधारित है और भारतीय रिजर्व बैंक के अनिवार्य दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती है। अंबानी ने एकल पीठ के समक्ष इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी जिनमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को ‘‘धोखाधड़ी’’ वाले खाते घोषित करने की मांग की गई थी।

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