By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 28, 2026
उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सकों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए ठाणे जिले के नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल में चिकित्सकों से मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को जमानत देने के मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी। साथ ही, पार्षद को तीन दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया।
शिकायतकर्ता महिला चिकित्सक से तीन अक्टूबर को जिरह की जानी है। सुनवाई शुरू हो चुकी है और इसमें कोई व्यवधान नहीं आ रहा है। पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि म्हात्रे इस मामले सहित 19 आपराधिक मुकदमों में आरोपी रहे हैं।
इस पर दवे ने दलील दी कि ये सभी मामले राजनीति से प्रेरित थे और इनमें से 18 मामलों में म्हात्रे को बरी किया जा चुका है। उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुरूप जल्द सुनवाई का अनुरोध किए जाने पर पीठ ने कहा कि वह इस निर्देश पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है। उच्च न्यायालय ने सात अगस्त को म्हात्रे को जमानत देते हुए मामले की सुनवाई समयबद्ध तरीके से पूरी करने का आदेश दिया था।
उच्च न्यायालय ने इस कथित मारपीट के मामले में चार अन्य आरोपियों को भी जमानत दे दी थी। यह घटना छह जुलाई को शास्त्री नगर अस्पताल में हुई थी। एक गर्भवती महिला के इलाज में कथित देरी को लेकर परिजनों के आरोपों के बाद म्हात्रे व अन्य आरोपी अस्पताल में एकत्र हुए थे और चिकित्सकों से मारपीट की थी।