मुझे लुटियंस जमात और खान मार्केट गैंग पर आश्चर्य है, NXT Conclave 2025 में ऐसा क्यों बोले PM Modi

By अंकित सिंह | Mar 01, 2025

‘एनएक्सटी’ कॉन्क्लेव 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत पर आज पूरी दुनिया की नजर है। दुनिया भर के लोग भारत आना चाहते हैं, भारत को जानना चाहते हैं। आज भारत, दुनिया का वो देश है, जहां पॉजिटिव न्यूज लगातार क्रिएट हो रही है। न्यूज मैन्यूफेक्चर नहीं करना पड़ रहा है। जहां हर रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, कुछ न कुछ नया हो रहा है। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को ही प्रयागराज में महाकुंभ संपन्न हुआ है। पूरी दुनिया हैरान है कि कैसे एक अस्थाई शहर में, नदी तट के किनारे करोड़ों लोगों ने स्नान किया। 

उन्होंने कहा कि कई साल पहले मैंने Vocal for Local and Local for Global का विजन देश के सामने रखा था। आज हम इस विजन को सच्चाई में बदलते हुए देख रहे हैं। आज हमारे आयुष प्रॉडक्ट्स और योग, Local से Global हो गए हैं। आज भारत के सुपरफूड, हमारा मखाना, Local से Global हो रहा है। भारत के मिलेट्स-श्रीअन्न भी, Local से Global हो रहे हैं। भारत, दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी एक्सपोर्टर बन गया है। उन्होंने कहा कि दशकों तक, दुनिया भारत को अपना बैक ऑफिस कहती थी। लेकिन आज, भारत न्यू फैक्ट्री ऑफ द वर्ल्ड बन रहा है। हम सिर्फ वर्कफोर्स नहीं, वर्ल्ड-फोर्स हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत बहुत बड़े टारगेट्स रख पा रहा है, उनको अचीव कर रहा है... तो इसके मूल में एक खास मंत्र है। ये मंत्र है-मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेस। ये कुशल और प्रभावी शासन का मंत्र है। बीते एक दशक में हमने करीब 1,500 ऐसे कानूनों को खत्म किया है, जो अपना महत्व खो चुके थे। इनमें से बहुत सारे कानून अंग्रेजी शासन के दौरान बने थे। उन्होंने कहा कि मुझे उस समय की सरकार और नेताओं से कुछ कहना नहीं है, लेकिन मुझे ज्यादा तो ये लुटियन जमात पर आश्चर्य हो रहा है, ये खान मार्केट गैंग पर आश्चर्य हो रहा है। ये लोग 75 साल तक ऐसे कानून पर चुप क्यों थे। ये हमारी सरकार है जिसने गुलामी के कालखंड के कानून को खत्म किया। 

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मोदी ने कहा कि एक दशक के भीतर, हमने लगभग 1,500 कानूनों को समाप्त कर दिया जो अपनी प्रासंगिकता खो चुके थे, जिनमें से कई ब्रिटिश काल के थे। बांस पूर्वोत्तर में आदिवासी समुदायों के जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। पहले, बांस काटने पर लोगों को जेल हो जाती थी, क्योंकि इसे एक पेड़ माना जाता था और पेड़ से संबंधित कानून इस पर लागू होते थे। हमने औपनिवेशिक काल के ऐसे कानूनों को खत्म कर दिया। अब, आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने जैसी प्रक्रियाएं भी मिनटों में पूरी हो जाती हैं और रिफंड कुछ ही दिनों में जारी हो जाता है।

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