By अभिनय आकाश | Jul 17, 2026
भले ही विपक्ष के कई सांसद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में शामिल हो गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार का अगले हफ़्ते शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' (One Nation, One Election) लाने का कोई इरादा नहीं है। इसके अलावा, इस बात पर भी कोई स्पष्टता नहीं है कि सरकार आने वाले सत्र में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) और महिला आरक्षण विधेयक (Women's Reservation Bill) पेश करने की योजना बना रही है या नहीं। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस बार विपक्ष के कई सांसद इन दो विधेयकों का समर्थन कर सकते हैं, जिससे कांग्रेस काफी हद तक अलग-थलग पड़ जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार की तत्काल प्राथमिकता लंबित अध्यादेशों को पारित कराना है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 भी शामिल है। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत अधिकतम संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करना है।
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026, पिछले संसद सत्र में लोकसभा से पास नहीं हो पाया था। इस बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया था। लोकसभा से पास होने के लिए इस बिल को दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत थी। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन उसने परिसीमन की आलोचना की है। विपक्ष का तर्क है कि इससे संसद में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है और उसने इसके तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकार लगातार परिसीमन का बचाव कर रही है और भरोसा दिला रही है कि दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा।