स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- जनता का जनादेश मंजूर, नाग और सांप ने मिलकर नेवले को जीतने नहीं दिया

By अंकित सिंह | Mar 11, 2022

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 255 सीटें हासिल की हैं जबकि अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ उसकी सीटें 273 हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए 203 विधायकों की जरूरत होती है। भाजपा ने उसे हासिल कर लिया है। चुनाव से ठीक पहले भाजपा के खिलाफ बगावत करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य भी फाजिलनगर से चुनाव हार गए। योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को अखिलेश यादव ने कुशीनगर के फाजिलनगर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी का टिकट दिया था। स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा के उम्मीदवार ने हराया है। हार के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान किया गया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि जनता का जनादेश मुझे मंजूर है। लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जनता का जनादेश हमें मंजूर है। जिस तरह से जीत स्वीकारी जाती है उसी तरह मैं अपनी हार स्वीकारता हूं। मैं चुनाव हारा हूं हिम्मत और हौसला नहीं। जिन मुद्दों के कारण मैंने BJP छोड़ी थी वो मुद्दे आज भी वैसे ही हैं, उन मुद्दों को लेकर हम फिर से जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि जहां लोगों ने समझा वहां पर परिणाम सकारात्मक भी आए हैं। हमें खुशी है कि समाजवादी पार्टी का जन आधार तेजी से आगे बढ़ा और विधायकों की संख्या भी 2.5 गुना बढ़ी और सपा एक बड़ी ताकत बन कर उत्तर प्रदेश में उभरी है। उसे और बड़ा बनाने के लिए ये अभियान जारी रहेगा। अपने पुराने बयान पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमेशा बड़ा तो नेवला ही होता है। यह बात अलग है कि नाग और सांप दोनों ने मिलकर नेवले को जीतने नहीं दिया। 

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योगी की सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री रह चुके समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार स्‍वामी प्रसाद मौर्य को कुशीनगर जिले की फाजिलनगर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के सुरेंद्र कुशवाहा से हार गए। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से पांच बार विधानसभा सदस्य रह चुके स्‍वामी प्रसाद मौर्य 2016 में बहुजन समाज पार्टी विधायक दल के नेता (नेता प्रतिपक्ष) से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए और 2017 में वह कुशीनगर की पडरौना सीट से भाजपा के टिकट पर चुने गये। उन्हें योगी आदित्यनाथ की सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। अति पिछड़ी कोइरी जाति से आने वाले राज्य के कद्दावर नेता मौर्य ने जनवरी माह में भाजपा सरकार पर पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाकर मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। 

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