By अभिनय आकाश | Jan 26, 2026
स्विट्ज़रलैंड के एक प्रतिष्ठित सैन्य रणनीति थिंक टैंक की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने दक्षिण एशिया में हवाई ताकत का संतुलन बदल दिया। इस अभियान के बाद भारत को साफ़ हवाई बढ़त मिली और सिर्फ चार दिनों की भीषण लड़ाई के बाद पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर होना पड़ा। यह अध्ययन स्विट्ज़रलैंड के सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज़ (CHPM) ने प्रकाशित किया है, जिसे सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलाज़ ने तैयार किया। रिपोर्ट में 7 से 10 मई 2025 तक चले 88 घंटे के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष का अब तक का सबसे विस्तृत स्वतंत्र विश्लेषण पेश किया गया है। शुरुआत में मीडिया की सुर्खियाँ एक भारतीय राफेल विमान गिरने पर टिकी रहीं। लेकिन स्विस रिपोर्ट कहती है कि इससे असली तस्वीर छिप गई। असल में भारत ने योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा और हमला करने की क्षमता को कमजोर कर दिया और अपनी शर्तों पर युद्ध को खत्म किया।
दशकों में सबसे बड़े हवाई संघर्षों में से एक देखने को मिला, जिसमें कई क्षेत्रों में लगभग 60 भारतीय विमान और 40 से अधिक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान शामिल थे। चीन द्वारा प्रदत्त लंबी दूरी की PL-15 वायु-से-वायु मिसाइलों और हवाई प्रारंभिक चेतावनी विमानों द्वारा समर्थित नेटवर्क लक्ष्यीकरण का उपयोग करते हुए, पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) ने भारतीय वायु सेना को नुकसान पहुँचाया, जिसमें कम से कम एक राफेल, एक मिराज 2000 और एक अन्य लड़ाकू विमान शामिल थे। स्विस अध्ययन इस चरण को सूचना और धारणा के क्षेत्र में भारत के लिए एक "गंभीर सामरिक झटका" बताता है, क्योंकि इसने इस्लामाबाद को प्रारंभिक जीत का दावा करने और सुर्खियों में छा जाने का मौका दिया। लेकिन रिपोर्ट का मुख्य तर्क यह है कि इस प्रारंभिक झड़प ने अभियान का फैसला नहीं किया। बल्कि, इसने एक तीव्र और कहीं अधिक महत्वपूर्ण भारतीय जवाबी हमले को जन्म दिया। अगले कुछ दिनों में, भारतीय वायु सेना ने अपना ध्यान उस रणनीति पर केंद्रित किया जिसे स्विस विश्लेषक दुश्मन की हवाई सुरक्षा को पूरी तरह से नष्ट करने का एक आदर्श अभियान कहते हैं।