2 राफेल, 2 मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान, आसमान में फाइटर जेट्स ने बनाया 'ऑपरेशन सिंदूर' फॉर्मेशन

भारतीय सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बीते साल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था।
भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जिसमें देश भर में आयोजित कार्यक्रमों में राष्ट्र की समृद्ध संस्कृति, लंबी गणतंत्र यात्रा, सैन्य शक्ति और सुरक्षा तैयारियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत की विकास गाथा, सांस्कृतिक विविधता और रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें नवगठित सैन्य इकाइयां और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल शामिल हैं। वायुसेना के फाइटर जेट फ्लाई पास्ट के दौरान आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाया। इस फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान नजर आए। भारतीय सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बीते साल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। आतंकी ठिकानों को नष्ट करने वाले ये भारतीय लड़ाकू विमान अब इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर उड़ान भरते नजर आए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत इन भारतीय लड़ाकू विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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ध्रुव हेलीकॉप्टर ऑपरेशन सिंदूर का झंडा
प्रहार फॉर्मेशन में भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लिए एक ध्रुव एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर, भारतीय वायु सेना का 'रुद्र' ALH-WSI और भारतीय वायु सेना का ALH मार्क IV हेलीकॉप्टर शामिल हैं। ध्वज फॉर्मेशन में 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा दिल्ली के कर्तव्य पथ पर फूलों की पंखुड़ियाँ बरसाई जा रही हैं। इस हेलीकॉप्टर फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत कर रहे हैं।
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अंतरिक्ष की उड़ान को कर्तव्य पथ पर सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सोमवार को भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार-अशोक चक्र प्रदान किया। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय राजधानी में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान शुक्ला को यह पुरस्कार प्रदान किया। शुक्ला पिछले साल जून में अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत आईएसएस जाने वाले पहले भारतीय बने। शुक्ला ने 18 दिवसीय अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा द्वारा 1984 में रूसी सोयूज-11 अंतरिक्ष मिशन के तहत उड़ान भरने के 41 साल बाद की। शुक्ला के पास लड़ाकू पायलट के रूप में सु-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 समेत विभिन्न विमानों से 2,000 घंटे की उड़ान का अनुभव का प्रभावशाली रिकॉर्ड है। शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम मिशन-4 में पायलट की भूमिका निभाई और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर अमिट छाप छोड़ी।
#WATCH | The marching contingent of Indian Air Force participates in #RepublicDay parade at Kartavya Path, just as Sindoor Formation - comprising two Rafales, two Sukhoi and 2 MiG 29 and one Jaguar Fighter Aircraft of the IAF flies above.
— ANI (@ANI) January 26, 2026
(Video: DD) pic.twitter.com/jzKCYJXFC6
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