धोनी का टीम इंडिया के साथ जुड़ना जीत की गारंटी से कम नहीं, आंकड़े बता रहे माही क्यों हैं महत्वपूर्ण

By अनुराग गुप्ता | Oct 21, 2021

दुबई। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को चौथी बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब दिलाने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने अब टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए रणनीतियां बनाना शुरू कर दिया है। धोनी भारतीय टीम के न सिर्फ मेंटर हैं बल्कि वो खिलाड़ियों के अच्छे दोस्त, गुरू और प्रेरणास्त्रोत हैं। अभ्यास मुकाबले में जहां भारतीय टीम के 11 खिलाड़ी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के पसीने छुड़ा रहे थे वहीं धोनी मैदान के बाहर विकेटकीपर ऋषभ पंत को गुर सिखा रहे थे। 

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आईसीसी मुकाबलों में धोनी की रणनीति रही कारगरपहली बार धोनी की अगुवाई में भारत ने साल 2007 का टी20 विश्व कप खेला था और फिर वो हुआ जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। भारत ने टी20 विश्व कप का खिताब उठाया। इसके बाद साल 2011 विश्व कप में भी धोनी की रणनीति कारगर साबित हुई उन्होंने विजयी छक्के के साथ श्रीलंका के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले को जीत लिया और कपिल देव के बाद विश्व कप खिताब उठाने वाले कप्तान बने। इसलिए धोनी की रणनीति भारतीय खेमे के लिए महत्वपूर्ण हैं। 

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