By अभिनय आकाश | Oct 22, 2026
ताइवान पर दबाव बढ़ाने के लिए समुद्र में अपनी गतिविधियां तेज कर रहा है। यही वजह है कि दोनों पक्षा के बीच टकराव तेज होती चली जा रही है। ताइवान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने 22 अक्टूबर को चेतावनी दी कि द्वीप के आसपास चीनी सेना और कोस्ट गार्ड की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। ताइवान की चिंता सिर्फ युद्धपोतों को लेकर नहीं है बल्कि चीन की समुद्री मिलेशिया नौकाओं और शोध जहाजों की गतिविधियां भी उसके लिए चिंता का विषय बन गई हैं। ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के महानिदेशक साई मिंगयेन ने संसद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीन के कोस्ट गार्ड की गतिविधियां अब धीरे-धीरे नियमित होती जा रही हैं। जून में चीन ने इस इलाके में तथाकथित कानून प्रवर्तन गश्त शुरू की थी। अब इन गश्तों के दौरान चीनी शोध जहाजों की मौजूदगी भी अक्सर देखी जा रही है।
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसके आसपास अपनी गतिविधियों को वैध बताता है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान के पूर्वी तट के पास उसका अभियान वैध और कानून सम्मत है क्योंकि उसके अनुसार यह चीनी झलक क्षेत्र है। दूसरी ओर ताइवान की सरकार चीन के इस दावे को खारिज करती है। ताइवान अपनी सरकार, प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्वशासित है और चीन के सैन्य दबाव का लगातार विरोध करता रहा है।