By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 13, 2026
तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के लिए कुल 79,219.06 करोड़ रुपये के विकास और कल्याणकारी कार्यों की घोषणाएं की हैं। सरकार ने इसे बुनियादी ढांचे के विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और किसानों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। हालांकि, विपक्ष ने राज्य पर पहले से मौजूद वित्तीय दबाव को देखते हुए इन घोषणाओं पर सवाल उठाए हैं। राज्य ने बढ़ते कर्ज के बोझ के बीच योजना आयोग (अब नीति आयोग) के पूर्व उपाध्यक्ष अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया की अगुवाई में एक समिति का गठन किया।
इसके अलावा इसमें कल्याण कार्यों और कृषि से जुड़ी वार्षिक योजनाओं (जिसमें मुफ्त बिजली भी शामिल है) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य पर पहले से ही भारी कर्ज का दबाव है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, बकाया कर्ज करीब 10.98 लाख करोड़ रुपये और राजकोषीय घाटा लगभग 1.21 लाख करोड़ रुपये है।
ब्याज भुगतान पर करीब 78,683 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे पर 57,703 करोड़ रुपये का खर्च तीन से पांच साल में किया जाएगा, जिसका सरकार की नकदी पर तत्काल बोझ नहीं पड़ेगा। विपक्ष का आरोप है कि भारी कर्ज के बीच नई घोषणाएं राज्य के राजस्व घाटे को और बढ़ा सकती हैं।
वहीं, सरकार का कहना है कि बुनियादी ढांचे पर निवेश और ग्रामीण राहत से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य में राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इन सब उपायों के बावजूद टीवीके सरकार ने 2036 तक राज्य को 1,500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।