By अभिनय आकाश | Nov 07, 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉलेज के छात्रों के लिए 'वेट्री लैपटॉप योजना' शुरू करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 2026-27 के बजट में घोषित इस योजना का उद्देश्य सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप उपलब्ध कराना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इसके लिए कौन पात्र होगा, किस तरह के लैपटॉप दिए जाएंगे और उनकी खरीद की क्या व्यवस्था होगी। विजय की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति इस योजना के कार्यान्वयन की देखरेख करेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। यह पहल TVK के नेतृत्व वाली सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को विस्तार देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इनमें से कई कार्यक्रमों के नाम के आगे 'वेत्री' (Vetri) शब्द जुड़ा है। 'वेत्री' शब्द का अर्थ है 'जीत'।
इस योजना में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के दौरान स्नातक (अंडरग्रेजुएट) स्तर के पहले और दूसरे वर्ष के छात्र, तथा पॉलिटेक्निक और ITI पाठ्यक्रमों में नामांकित डिप्लोमा छात्र शामिल होंगे। इन छात्रों का सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ाई करना अनिवार्य है। कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, पशु चिकित्सा विज्ञान, कृषि, मत्स्य पालन और कानून (लॉ) जैसे पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे छात्र इसके लिए पात्र होंगे। सरकार ने उन छात्रों को भी इसमें शामिल किया है जो शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान मुफ्त लैपटॉप योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे। इसके अलावा, जो छात्र अभी सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में किसी प्रोफेशनल कोर्स के तीसरे या चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार ने लैपटॉप के स्पेसिफिकेशन तय करते समय इंजीनियरिंग छात्रों की खास जरूरतों का ध्यान रखा है। उन्हें इंटेल कोर i5 प्रोसेसर या इसके बराबर के प्रोसेसर वाले लैपटॉप दिए जाएंगे। राज्य सरकार की संस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु (ELCOT) को लैपटॉप खरीदने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने कहा है कि इन लैपटॉप को तय किए गए सभी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (गुणवत्ता मानकों) को पूरा करना होगा।
मुफ्त लैपटॉप योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित
इस पहल की घोषणा 2026-27 के बजट में की गई थी। अब मुख्यमंत्री ने इसे लागू करने की मंजूरी दे दी है और इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया गया है। सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी करके इस फंड को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है और योजना को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी तय कर दिए हैं। विजय के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति इस योजना के क्रियान्वयन (लागू होने की प्रक्रिया) पर नजर रखेगी।
यह लैपटॉप योजना छात्रों की कैसे मदद करेगी
इस पहल की जरूरत के बारे में बताते हुए सरकार ने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में लैपटॉप पढ़ाई-लिखाई का एक जरूरी साधन बन गए हैं, खासकर उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए। लैपटॉप मिलने से छात्रों को अपनी तकनीकी जानकारी बढ़ाने, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रमों में हिस्सा लेने, ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने और भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। सरकार को भरोसा है कि यह योजना वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए एक बड़ा कदम साबित होगी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों को वे डिजिटल कौशल (डिजिटल स्किल्स) सीखने में मदद मिलेगी, जिनकी जरूरत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और रोजगार पाने के मौके बेहतर करने के लिए होती है।