By अंकित सिंह | Mar 23, 2026
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा के 234 सदस्यीय चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर समझौता कर लिया। यह समझौता अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। चेन्नई स्थित एआईएडीएमके मुख्यालय में समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख नैनार नागेंद्रन, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास और अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कज़गम (एएमएमएक) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन जैसे अन्य एनडीए नेता भी उपस्थित थे।
वहीं, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा बार-बार ‘‘दिल्ली’’ को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने दावा किया कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव को लेकर द्रमुक नेतृत्व ‘डर से कांप रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री ‘दिल्ली’ से इतना क्यों डरते हैं। चाहे हम अपनी बैठकें बेंगलुरु में करें या दिल्ली में, द्रमुक पार्टी घबराहट की स्थिति में नजर आती है। राज्य में केंद्र सरकार के योगदान का बचाव करते हुए, भाजपा नेता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मोदी सरकार ने पिछले एक दशक में तमिलनाडु को लगभग 14 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार की राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में 350 करोड़ रुपये की लागत वाले थूथुकुडी हवाई अड्डे के विस्तार और 650 करोड़ रुपये की त्रिची हवाई अड्डे परियोजना सहित प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का हवाला दिया। नागेंद्रन ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ‘दिल्ली’ को लेकर लगातार चिंतित रहने के बजाय मादक पदार्थों के प्रसार को रोकने और जन सुरक्षा में सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए।