By अभिनय आकाश | May 12, 2026
जो पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता करवाने का ढोंग कर रहा था और खुद को एक मध्यस्थ की तरह पेश कर रहा था। अब उसकी पोल पूरी दुनिया के सामने एक बार फिर से खुल गई है और अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप की पीठ में छुरा घोंपा है? रिपोर्ट सामने आई है कि पाकिस्तान चोरी छिपे ईरान के जासूसी विमानों को पनाह दे रहा था और पाकिस्तान की इस हरकत पर अब ट्रंप के करीबी सांसद का बड़ा बयान सामने आया है। दरअसल अमेरिकी मीडिया सीबीएस न्यूज़ में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान ने अपने कुछ सैन्य और निगरानी विमान पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर खड़े किए थे। जिनमें ईरान का RC130 जासूसी विमान भी शामिल था। खुफिया जानकारी जुटाने के काम आता है। और इस रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने ऐसा इसलिए किया ताकि अमेरिकी एयर स्ट्राइक से वो अपने विमानों को बचा सके। पाकिस्तान ने इन ईरानी जहाजों को अपने एयरबेस पर चुपचाप जगह दे दी।
अब पाकिस्तान का सच एक बार फिर सामने आ गया है। जहां उसने अमेरिका के साथ डबल गेम कर दिया है और उसके नाक के नीचे ही ईरानी जासूसी जहाजों को अपने एयरबेस पर जगह दे दी। इस रिपोर्ट पर ट्रंप के करीबी सांसद लिंसे ग्राम का रिएक्शन भी इसी ओर इशारा करता है कि पाकिस्तान पर उन्हें भरोसा नहीं है। जिस तरह से उन्होंने अपने बयान में कहा कि मुझे कोई हैरानी नहीं होगी। अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है। कुछ समय पहले भी अमेरिका से एक रिपोर्ट बाहर आई थी। जिसमें पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख आसिम मुनीर को अमेरिका के लिए खतरा बताया गया था और उस रिपोर्ट में भी आसिम मुनीर की ईरानी सैनी लीडरों के साथ करीबी को एक भारी चिंता बताया गया था। हालांकि पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। पाक अधिकारियों का कहना है कि नूरखान एयरबेस शहर के बीचोंबीच है। वहां पर इतने बड़े सैन्य विमान छुपाना संभव ही नहीं है। लेकिन सवाल तो यह उठता है कि अगर सब कुछ गलत है तो अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इतनी गंभीर जानकारी मीडिया तक आखिर कैसे पहुंचाई गई है। इस पूरे मामले में चीन का भी नाम सामने आ रहा है क्योंकि पाकिस्तान की सेना काफी हद तक चीनी हथियारों और चीनी तकनीक पर ही आजकल निर्भर करती है।