By अंकित सिंह | Aug 06, 2026
गोवा में बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को निचली अदालत के 2021 के बरी करने के फ़ैसले को पलट दिया और 'तहलका' मैगज़ीन के पूर्व एडिटर 61 वर्षीय तरुण तेजपाल को 2013 में गोवा के एक फाइव-स्टार होटल में 'थिंकफेस्ट' कॉन्फ़्रेंस के दौरान अपनी एक जूनियर सहयोगी के साथ रेप का दोषी ठहराया। जस्टिस नीला गोखले और अमित जमसांडेकर की बेंच ने गुरुवार को तेजपाल को 10 साल की कड़ी सज़ा सुनाई।
इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने समाचार पत्रिका ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहकर्मी से दुष्कर्म के मामले में बृहस्पतिवार को दोषी करार दिया। अदालत ने गोवा के एक सत्र न्यायालय द्वारा पांच साल पहले उसे बरी करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। सुनवाई के दौरान तेजपाल ने स्वयं को ‘‘राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार’’ बताया और दो बेटियों का पिता होने का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की।
वहीं, गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि ‘‘नहीं का मतलब नहीं’’ (शारीरिक संबंध के लिए सहमति नहीं देना) होता है। उच्च न्यायालय की गोवा पीठ के न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जमसांडेकर ने कहा कि वे दोपहर में सजा पर अपना आदेश सुनाएंगे। पीठ ने कहा कि हम निचली अदालत के बरी करने के आदेश को निरस्त करते हैं। प्रतिवादी (तरुण तेजपाल) को दोषी करार देते हैं। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि वह इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
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