TCS के Q1 Results से पहले शेयर धड़ाम, निवेशकों की नजर AI और Demand पर टिकी

By Ankit Jaiswal | Jul 09, 2026

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब दो प्रतिशत तक फिसल गया। हालांकि इसी दौरान घरेलू शेयर बाजार में मजबूती बनी रही, लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अधिकांश कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए हैं।

वहीं दूसरी ओर व्यापक बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा है। कारोबार के शुरुआती दौर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इसके बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक में कमजोरी देखने को मिली और टीसीएस के साथ-साथ इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि टीसीएस गुरुवार को अपनी पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने जा रही है, जिससे भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नतीजों का सिलसिला भी शुरू होगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार निवेशकों की नजर केवल आय और मुनाफे के आंकड़ों पर नहीं बल्कि कंपनी के भविष्य के कारोबार और मांग से जुड़े संकेतों पर भी बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार, कंपनी की डॉलर में आय पिछली तिमाही की तुलना में मामूली घटकर लगभग 7.61 अरब डॉलर रह सकती है। वहीं भारतीय मुद्रा में कंपनी का राजस्व करीब 71,847 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछली तिमाही की तुलना में हल्की बढ़त दिखा सकता है। इसके अलावा कर के बाद शुद्ध लाभ लगभग 13,461 करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों के वार्षिक वेतन संशोधन के कारण ऑपरेशन लाभ मार्जिन पर कुछ दबाव पड़ सकता है, हालांकि रुपये की कमजोरी से इस प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित होने की उम्मीद की जा रही है।

निवेशकों की सबसे बड़ी दिलचस्पी कंपनी के प्रबंधन की उस टिप्पणी में रहेगी, जिसमें बड़े कारोबारी समझौतों, एआई आधारित सेवाओं, ग्राहकों के खर्च और वैश्विक मांग की स्थिति पर जानकारी दी जाएगी। बाजार को उम्मीद है कि इस तिमाही में कंपनी को लगभग 7 से 10 अरब डॉलर तक के नए बड़े सौदे मिल सकते हैं। पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 12 अरब डॉलर रहा था।

बता दें कि हाल के समय में टीसीएस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत करने पर जोर दिया है। कंपनी ने हाइपरवॉल्ट जैसे मंच विकसित किए हैं और आने वाले वर्षों में निवेश कंपनी टीपीजी के साथ मिलकर एआई आधारित आंकड़ा केंद्रों के निर्माण में लगभग 2 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। इसके अलावा कंपनी ने ओपनएआई के साथ मिलकर 100 मेगावाट क्षमता वाले एआई आधारित आंकड़ा केंद्र की दिशा में भी साझेदारी की है, जिसे भविष्य में और विस्तारित किया जा सकता है।

कंपनी के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने जून में आयोजित वार्षिक आम बैठक के दौरान कहा था कि एआई टीसीएस के लिए सबसे बड़े विकास अवसरों में से एक बनकर उभर रही है। उनके अनुसार, पिछले चार तिमाहियों से इस क्षेत्र से होने वाली आय लगातार बढ़ रही है और हालिया तिमाही में इसका वार्षिक स्तर लगभग 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

इसके अलावा निवेशकों की नजर बीएसएनएल परियोजना के दूसरे चरण, एआई और जनरेटिव एआई से जुड़े नए कारोबारी अवसरों, हाइपरवॉल्ट मंच की प्रगति तथा दुनिया भर में ग्राहकों के खर्च के रुझान पर भी बनी रहेगी। गौरतलब है कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं ने कई कंपनियों के निवेश फैसलों को प्रभावित किया है। ऐसे में टीसीएस प्रबंधन की यह टिप्पणी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि आने वाले समय में ग्राहकों की मांग और नए निवेश का माहौल किस दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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