By Ankit Jaiswal | Oct 16, 2026
शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इस दौरान टेक महिंद्रा के शेयरों ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा और कीमत में 8% से अधिक की बढ़त दर्ज की। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे बेहतर रहने के बाद निवेशकों ने इसके शेयरों में खरीदारी की। इस तेजी से कंपनी के बाजार मूल्य में करीब 11,000 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और घरेलू शेयर बाजार को शुरुआती सुस्ती से उबरने में मदद मिली।
टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,585.6 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 1,194.5 करोड़ रुपये से 32.74% अधिक है। कंपनी की आय में बढ़ोतरी के पीछे कारोबार की मात्रा में सुधार, खर्चों में बचत और रुपये की कीमत में गिरावट जैसे कारण रहे। इस दौरान परिचालन से होने वाली आय 15.6% बढ़कर 16,180.2 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 13,994.9 करोड़ रुपये थी। पिछली तिमाही के मुकाबले भी शुद्ध लाभ में 8% और आय में 3% की बढ़त दर्ज की गई।
कंपनी ने अपने नतीजों के साथ शेयरधारकों के लिए बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव भी रखा है। टेक महिंद्रा का निदेशक मंडल कंपनी के 40 साल पूरे होने के मौके पर 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने की सिफारिश की है। इसका मतलब है कि हर मौजूदा शेयर पर एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। कंपनी ने नियामकीय जानकारी में बताया कि बोनस शेयर 15 दिसंबर तक शेयरधारकों के खातों में जमा किए जाने की उम्मीद है। कंपनी करीब 11 साल बाद बोनस शेयर जारी करने जा रही है। इससे पहले मार्च 2015 में भी उसने इसी अनुपात में बोनस शेयर दिए थे।
आईटी इंडेक्स करीब 3% चढ़ा। टेक महिंद्रा के अलावा इन्फोसिस के शेयर लगभग 4%, टीसीएस के 3.26% और एचसीएल टेक के 1% से अधिक मजबूत हुए। विप्रो के शेयर भी 5.7% चढ़े, क्योंकि कंपनी की सितंबर तिमाही की आय बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 0.3% गिर गए। इससे पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम की कीमत तय होने की खबर के बाद रिलायंस के शेयर 3.4% चढ़े थे।
दूसरी ओर, एचडीएफसी लाइफ के शेयर तिमाही लाभ बढ़ने के बावजूद 2% गिर गए। कंपनी के आने वाले कारोबार को लेकर कुछ विश्लेषकों की चिंता का असर शेयर पर पड़ा। बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका में उत्पादक कीमतों में बढ़ोतरी भी चिंता का कारण बनी हुई हैं। शुक्रवार को ब्रेंट कच्चा तेल करीब 105 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक बाजार के संकेतों पर बनी हुई हैं।