Ghazwa-e-Hind III | मोपला विद्रोह की असल कहानी आपको पता है? | Teh Tak

By अभिनय आकाश | Jun 16, 2023

20 अगस्त 1921 को केरल के मालाबार में मोपला मुसलमानों ने क्रूरता, हैवानियत, दरिंदगी का कोई भी कोना नहीं छोड़ा था। सरेआम सर कलम किए गए। लोगों को जिंदा जलाया गया। परिजनों के सामने महिलाओं की अस्मत लूटी गई। गर्भवती महिलाओं के पेट को चीर दिया गया। लोगों से जबरन धर्मांतरण करवाए गए। एक विद्रोह जो तुर्की के खलीफा के नाम पर था लेकिन निशाने पर थे मालाबार के हिन्दू। 20 अगस्त की तारीख मानवता और सेक्युलरिज्म के झूठे चेहरों के लिए शर्म से गड़ जाने का दिन है। अंग्रजों द्वारा तुर्क के खलीफा की गद्दी छीने जाने के विरोध में केरल में सन 1921 में मोपला विद्रोह हुआ था। केरल के मालाबार में हुए विद्रोह को अंग्रेजों के खिलाफ बताया जाता है। लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर हिन्दुओं को निशाना बनाया गया था। उनता नरसंहार हुआ था और जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था। लेकिन वामपंथी इतिहासकार इसे सामंतवाद और अंग्रेजों के खिलाफ का विद्रोह करार देते हैं। 

कश्मीर की बात करें तो सात कैंपेने के जरिए हिन्दुओं का महाविनाश हो चुका है जबकि आठवां रोजना रूप से चल रहा है। अलग-अलग घटनाएं जो हो रही हैं, हम हेडलाइन पढ़ते हैं लेकिन इसके पीछे की बड़ी तस्वीर के अछूते रह जाते हैं। अमेरिकन इतिहासकार विल ड्यूरॉट ने भारत में हुए मुस्लिम उत्पीड़न को गंदा और विभत्स बताया कि जो पूरे विश्व इतिहास में एक लज्जा का विषय हो सकता है। पाकिस्तानी लेखर इरफान हुसैन बताते हैं कि आक्रमणकारियों ने हिन्दुओं पर रत्ती भर भी दया नहीं दिखाई। मुस्लिम आक्रमणकारियों के हाथ खून से इस कदर रंगे हैं कि इतिहास के इस कलंक को मिटाना संभव नहीं है। अकेले कश्मीर के इतिहास में सात पलायन दर्ज हैं।

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