US-Iran Talks: तेहरान की कड़ी शर्तों से अटकी बातचीत, Lebanon में सीजफायर पर अड़ा ईरान

By अभिनय आकाश | Apr 11, 2026

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के प्रयासों को झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच अविश्वास की दीवार खड़ी हो चुकी है, जिससे पाकिस्तान में वार्ता शुरू होने से पहले ही संघर्ष विराम के प्रयासों पर संकट मंडरा रहा है। व्हाइट हाउस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ट्रंप की 'रेड लाइन' में कोई बदलाव नहीं आया है और वह तेहरान की मांगों के आगे नहीं झुकेंगे। तब से चार घंटे बीत जाने के बावजूद, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और जेरेड कुशनर के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के साथ सीधी बातचीत नहीं की है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने जर्मन समकक्ष से बातचीत में कहा कि तेहरान अविश्वास के साथ वार्ता में शामिल हो रहा है, जिससे छह सप्ताह से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के प्रयास और भी जटिल हो गए हैं। युद्धरत पक्षों के बीच सीधी बातचीत के अभाव में, कुछ पूर्व शर्तों के पूरा होने पर मेजबान देश पाकिस्तान की भागीदारी के साथ त्रिपक्षीय बैठक की संभावना उभर कर सामने आई है।

इसे भी पढ़ें: US-Iran Talks से पहले चीन का बड़ा दांव, तेहरान को मिलेंगे Air Defence System, अमेरिकी रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

अल जज़ीरा ने इस्लामाबाद से रिपोर्ट किया है कि ईरान कुछ पूर्व शर्तों के पूरा होने पर ही अमेरिका और पाकिस्तान के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होगा। इनमें लेबनान पर इजरायली हमलों की समाप्ति और वहां युद्धविराम शामिल है। ईरानी मीडिया के अनुसार, शरीफ के माध्यम से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को बताई गई एक और महत्वपूर्ण पूर्व शर्त कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमा ईरानी संपत्तियों की रिहाई है।ईरान की ओर से अन्य प्रमुख मांगों में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उसकी युद्धविराम योजना के कुछ बिंदु, युद्ध क्षतिपूर्ति का भुगतान और मध्य पूर्व क्षेत्र में युद्धविराम शामिल हैं, जैसा कि ईरान के सरकारी टीवी के एक रिपोर्टर ने बताया। तीनों पक्ष कूटनीति की जटिलताओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच विश्वास की भारी कमी एक बड़ा मुद्दा है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है कि यदि वार्ता विफल होती है, तो वह अपनी नौसेना को मजबूत करेंगे और सैन्य उपायों से इस मुद्दे का समाधान करेंगे। इन परिस्थितियों के बीच, इस्लामाबाद में टीमें चर्चाओं के विशिष्ट बिंदुओं को अंतिम रूप दे रही हैं। ईरान की एक प्रमुख मांग लेबनान में शत्रुता की समाप्ति से संबंधित है, जहां इजरायली हमले जारी हैं।

प्रमुख खबरें

Delhi की नई EV Policy पर मचा बवाल, Taxi-Auto Union ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

UP में 35 करोड़ पेड़ या 350 करोड़ का Scam? Akhilesh Yadav ने Plantation Drive पर उठाए गंभीर सवाल

गृह मंत्री Amit Shah ने Ahmedabad को दी बड़ी सौगात, Sabarmati किनारे Heritage Park का किया उद्घाटन

Donald Trump ने लिंडसे ग्राहम को दी श्रद्धांजलि, बताया महान नेता